बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी प्रमोद नौटियाल ने नैनीताल हाईकोर्ट का किया रुख,आरोपी की याचिका पर कोर्ट में हुई सुनवाई।
नैनीताल:-10 जुलाई 2026
बदरीनाथ धाम चढ़ावा चोरी के आरोप में बदरी-केदार मंदिर समिति (बेकेटीसी) का निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल राहत पाने के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट की शरण में गया है। प्रमोद नौटियाल ने अपने निलंबन आदेश और पुलिस द्वारा दर्ज की एफआईआर को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई. कोर्ट ने श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।मामले की सुनवाई 16 जुलाई को होगी।
दरअसल, बेकेटीसी को बीती दो जुलाई को सूचना मिली थी कि श्री बदरीनाथ मंदिर में ‘थाली भेंट’ की गिनती के दौरान वित्तीय गड़बड़ी की गई है. इस पर संज्ञान लेते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष के आदेशानुसार एक विभागीय जांच समिति का गठन किया गया था। विभागीय जांच समिति की प्रारंभिक जांच आख्या (रिपोर्ट) में यह बात सामने आई कि मंदिर समिति के कार्मिक प्रमोद नौटियाल ने कथित तौर पर सुबह लगभग 9 बजे से 9:30 बजे के बीच थाली भेंट गणना स्थल से अवैध रूप से धनराशि उठाई थी। आरोपों की पुष्टि के बाद मंदिर समिति द्वारा आरोपी कार्मिक प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।मंदिर समिति के आदेशों के क्रम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान ने कोतवाली श्री बदरीनाथ में लिखित तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
क्या था पूरा मामला?
इस मामले का सबसे पहले खुलासा भैरव सेना के संस्थापक संदीप खत्री ने किया था। संदीप खत्री ने आरोप लगाया था कि उन्हें इस तरह की जानकारी मिली है कि बदरीनाथ मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान की चोरी हो रही है। इन आरोपों के बाद उत्तराखंड की राजनीति में हलचल मच गई थी। इसके बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चार सदस्य जांच समिति का गठन किया था। वहीं मामला ज्यादा चर्चाओं में आया तो सरकार ने तीन सदस्य उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की. साथ ही चढ़ावा चोरी के आरोप में बीकेटीसी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने के साथ ही उस पर मुकदमा भी दर्ज किया गया।
