बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले पर सियासत तेज़,गणेश गोदियाल और BKTC अध्यक्ष ने किया एक दूसरे पर पलटवार।

बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामले पर सियासत तेज़,गणेश गोदियाल और BKTC अध्यक्ष ने किया एक दूसरे पर पलटवार।

देहरादून:-21 जुलाई 2026

बद्रीनाथ मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तारियों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सरकार से जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मंदिर समिति अध्यक्ष की भूमिका पर सवाल उठाने के साथ ही मंदिर समिति के अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग की है।

उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले में मुख्य आरोपी प्रमोद नौटियाल को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के लिए अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी आमने-सामने हैं। दोनों एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। बीते दिनों हेमंत द्विवेदी ने प्रमोद नौटियाल को लेकर गणेश गोदियाल पर गंभीर आरोप लगाए थे,जिस पर गणेश गोदियाल ने जवाब दिया और प्रमोद नौटियाल को लेकर बड़ा खुलासा भी किया।

दरअसल, गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश मुख्लायल देहरादून में प्रेस वार्ता की। इस दौरान गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ धाम में आजकल जो प्रकरण चल रहा है, वहां चढ़ावे के साथ क्या-क्या हुआ, यह प्रकरण अब सबके सामने है. इसी घटना से जुड़े आरोपी प्रमोद नौटियाल को लेकर बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने उन पर गंभीर आरोप लगाया था और कहा था कि प्रमोद नौटियाल और गणेश गोदियाल का परिचय बहुत पहले से है। इस पर गणेश गोदियाल ने कहा कि,प्रमोद नौटियाल मेरे बीकेटीसी का दायित्व ग्रहण करने से पहले से ही कार्यरत था। प्रमोद नौटियाल की ज्वाइनिंग 2003 में हुई थी और मैं 2013 बीकेटीसी अध्यक्ष बना था। उससे पहले मेरी प्रमोद नौटियाल से कोई व्यक्तिगत मुलाकात नहीं थी। इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि प्रमोद नौटियाल भाजपा शासन काल के दौरान 2001 में कार्यरत रहे बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष का भतीजा है।

गणेश गोदियाल के अनुसार, बदरीनाथ धाम दान चोरी मामले में जो दूसरा आरोपी पकड़ा गया है, उसने खुद बताया है कि ये सभी काम बीकेटीसी अध्यक्ष के पीएम नौटियाल के निर्देशों पर होता था। इससे साफ होता है कि बदरीनाथ मंदिर में चोरी बीकेटीसी अध्यक्ष के निर्देश पर हो रही थी. इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने हेमंत द्विवेदी को अध्यक्ष पद से नहीं हटाया,यह अपने आप संदेह के घेरे में है।

वहीं BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर पलटवार किया है। हेमंत द्विवेदी ने कहा कि बद्री-केदार मंदिर समिति करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र है। मामले के सामने आने के बाद तीन स्तरीय जांच चल रही है, उसी के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति का उद्देश्य है कि चढ़ावा चोरी में शामिल किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। द्विवेदी ने गोदियाल पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में विवेकाधीन कोष का निजी इस्तेमाल और करीबियों में बांटने का काम हुआ व करोड़ों की धांधली हुई। जिससे साफ है कि चंदा चोरी की बात करने वालों ने खुद डकैती की है। इसके साथ ही गोदियाल ने सीसीटीवी कैमरे हटवाए और तीन साल के बजाय साढ़े पांच साल तक अध्यक्ष पद पर रहे,जो लालच का ही प्रमाण है। उन्होंने दावा किया कि अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने मंदिर के एक रुपये का भी निजी इस्तेमाल नहीं किया। वही घटना के सामने आने के बाद समिति ने तुरंत एक्शन लिया जो भाजपा के शासन में ही सम्भव है और निश्चित ही दोषियों पर कड़ी कार्यवाही होगी।कहा कि, वही धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को जवाब भी मिलेगा।

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