महिला और विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार,दो मामलों में थी पुलिस को तलाश।
बागेश्वर:-05 अगस्त 2026
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सोशल मीडिया पर एक महिला और स्थानीय विधायक के खिलाफ कथित आपत्तिजनक व भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बैजनाथ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज थे और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार कई जिलों में दबिश दी जा रही थी।
पुलिस के अनुसार 30 जुलाई को कपकोट थाना क्षेत्र की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी जगदीश गोस्वामी ने सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ ऐसे वीडियो साझा किए, जिनका उद्देश्य उसकी छवि खराब करना और चरित्र पर सवाल खड़े करना था। महिला की तहरीर के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 79 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद 2 अगस्त को धर्मेंद्र सिंह दानू ने पुलिस को एक और शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि आरोपी ने स्थानीय विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए भ्रामक वीडियो प्रसारित किए, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने बीएनएस की धाराएं 352, 353 और 356 के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत मामला दर्ज किया।
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा के निर्देश पर आरोपी की तलाश के लिए पुलिस और एसओजी की तीन विशेष टीमें गठित की गई थीं। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस ने रानीखेत, रामनगर, बिजनौर, हरिद्वार, सहारनपुर और देहरादून सहित कई स्थानों पर दबिश दी। जब आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला तो न्यायालय से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया। इसके अलावा बीएनएसएस की धारा 84 के तहत नोटिस जारी कर उसके घर पर मुनादी भी कराई गई। लगातार तलाश के बाद मंगलवार शाम पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बैजनाथ थाना क्षेत्र के पिंगलो बैंड, कंधार तिराहा स्थित यात्री विश्राम गृह के सामने से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई में एसओजी प्रभारी निरीक्षक सलाउद्दीन, उपनिरीक्षक गोल्डी घुघत्याल, मुख्य आरक्षी नवीन कुमार तथा एसओजी के आरक्षी संतोष कुमार और भुवन बोरा शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
