रोजगार गारंटी- कहीं जलेबी का जश्न तो कहीं इंटरनेट सेवाएं बन रही जी का जंजाल ।
मैहलचौरी (गैरसैंण)- 08 सितंबर 2026
रिपोर्ट:- प्रेम संगेला
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के साथ ही लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा के बाद अब जुलाई माह से वीबी रामजी ( विकसित भारत रोजगार ओर आजीविका मिशन ग्रामीण की गारंटी ) नाम से केन्द्र सरकार संचालित योजना के शुरुआती दो माह गुजरने के बाद अब अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही है.कहीं इंटरनेट सेवा के कारण ऑनलाइन औपचारिकताएं पूरी करना ग्राम पंचायतों के लिए जी का जंजाल बनी हुई हैं,तो कहीं ग्रामीण योजनाओं को तय समय पर पूरा कर जलेबी खाकर जश्न मना रहे हैं।
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत नेटवर्क की दिक्कत से जुझ रहे स्यूणी तल्ली,रंगचौणा के सरोवर,मालकोट के राइकोट व गडोत,कुणखेत आदी गांवों में योजना निर्माण के दौरान निर्माण स्थल पर मौके पर ही पूरी की जाने वाली ऑनलाइन औपचारिकताओं को लेकर परेशानी बनी हुई है। जिसमें मुख्य रूप से फेस रीडिंग (चेहरा पहचान) के माध्यम से लगाई जाने वाली श्रमिकों की हाजिरी को लेकर दिक्कतों का सामन करना पड रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार मौके पर ही हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है। जिसको लेकर कुछ दिन पहले ही ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष गैरसैंण मनोज नेगी के नेतृत्व में प्रधानों ने गैरसैंण पहुंचे गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप को पत्र सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी। ग्राम प्रधानों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति को देखते हुए ऑनलाइन प्रक्रिया के विकल्प के रूप में आफलाईन हाजिरी की सुविधा भी दी जानी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर कई ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य के दौरान की जाने वाली ऑनलाइन औपचारिकताएं मामूली दिक्कतों के साथ आसानी से पूरी की जा रही हैं। जिससे निर्माण कार्य भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
कुन्नीगाड क्षेत्र के कल्याणा गांव में पहला निर्माण कार्य पूर्ण होने की खुशी के मौके को जलेबी खाकर ग्रामीणों खास बना दिया।प्रधान कल्याणा सुमित्रा देवी ने बताया की ग्राम पंचायत में वीबीरामजी के तहत उधानीकरण का कार्य फलदार पौधों लगाए जाने के साथ पूरा कर लिया गया है। अन्य संचालित 5 कार्यों में जल संरक्षण,पशुचरी,पशु तालाब,रास्ता निर्माण व कृषी भूमि संरक्षण से संबधित कार्य गतिमान हैं।
नेटवर्क की समस्या को लेकर खंड विकास अधिकारी पवन कंडारी ने कहा की मिल रही शिकायतों के आधार पर सत्यापन के साथ आफलाईन हाजिरी भरने का विकल्प भी दिया जा रहा है। निर्माण स्थल पर खीचीं गयी फोटो को नेटवर्क क्षेत्र में आने पर अपलोड किया जा सकता है।
वीबीरामजी में श्रमिक दिवसों के साथ मजदूरी भी बढी
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण योजना) के बाद अब 1 जुलाई से वीबीरामजी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत पहले ,निर्धारित 100 दिनों के रोजगार की सीमा को बढ़ाकर अब 125 दिन वार्षिक रोजगार कर दिया गया है। जबकि न्यूनतम मजदूरी भी 252 से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। वहीं, मांग के अनुरूप 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की भी व्यवस्था की गई है। योजना के तहत टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण,कृषी संरक्षण,उधानीकरण,ग्रामीण सड़क निर्माण कार्य बड़े स्तर पर किए जा सकते हैं।
