मनसा देवी की पहाड़ियों में मिला आईआईटी रुड़की का 40 लाख का लापता ड्रोन।
हरिद्वार:- 10 अक्टूबर 2026
कुंभ मेले की डिजिटल मैपिंग के दौरान लापता हुआ आईआईटी रुड़की का 40 लाख रुपये की कीमत वाला अत्याधुनिक ड्रोन आखिरकार बरामद कर लिया गया है। 36 घंटे तक चले कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद, इसे जीपीएस तकनीक और दूसरे ड्रोन की मदद से मनसा देवी मंदिर की पहाड़ियों के घने जंगलों से खोज निकाला गया।उड़ान भरने के बाद अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए इस ड्रोन के कारण प्रशासनिक और पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी।
कुंभ मेले की तैयारियों और डिजिटल ट्विन प्रोजेक्ट के तहत मैपिंग के लिए इस हाई-टेक ड्रोन को आईआईटी रुड़की से हरिद्वार लाया गया था। दो दिन पहले उड़ान भरने के दौरान उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला क्षेत्र में इसका कंट्रोल यूनिट से संपर्क टूट गया और यह अचानक गायब हो गया। शुरुआती दौर में कर्मचारियों ने स्थानीय स्तर पर काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।आखिरकार जीपीएस ट्रैकिंग और एक अन्य ड्रोन की मदद से हवाई सर्वे कर इसकी सटीक लोकेशन का पता लगाया गया। ड्रोन मनसा देवी की पहाड़ियों में झाड़ियों के बीच क्षतिग्रस्त (टूटा-फूटा) हालत में बरामद हुआ है।
ड्रोन के गायब होने की गंभीरता को देखते हुए आईआईटी रुड़की के कर्मचारी शिवम नौटियाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इतने महंगे और संवेदनशील उपकरण के लापता होने पर नगर कोतवाली में तुरंत मुकदमा दर्ज कर पुलिसिया जांच शुरू कर दी गई थी।
कुंभ जैसे महाआयोजन की मैपिंग कर रहे हाई-टेक कैमरे वाले ड्रोन का अचानक गायब होना सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जा रहा था। 40 लाख रुपये की कीमत वाले इस ड्रोन में बेहद अत्याधुनिक सेंसर और कैमरे लगे हुए थे। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच ड्रोन को ढूंढने के लिए जीपीएस को-ऑर्डिनेट्स और दूसरे सर्विलांस ड्रोन को काम पर लगाना पड़ा, जिसने इस सर्च ऑपरेशन को काफी चर्चा में ला दिया।ड्रोन के मिल जाने से पिछले 36 घंटों से परेशान आईआईटी रुड़की के तकनीकी स्टाफ, कुंभ मेला प्रशासन और पुलिस ने बड़ी राहत की सांस ली है।
