यूकेडी कार्यकर्ताओं की गुंडई:-गैरसैंण जा रहे यूकेडी (डेमोक्रेटिक) के काफिले को आदिबद्री में रोका, गाड़ियों की चाबी छीनने और अभद्रता का आरोप।

यूकेडी कार्यकर्ताओं की गुंडई:-गैरसैंण जा रहे यूकेडी (डेमोक्रेटिक) के काफिले को आदिबद्री में रोका, गाड़ियों की चाबी छीनने और अभद्रता का आरोप।

यूकेडी के आशीष नेगी समर्थकों पर लगा आरोप।

गैरसैंण:-10 अक्टूबर 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत

उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में संगठन विस्तार और कार्यालय उद्घाटन के लिए आ रहे उत्तराखंड क्रांति दल (डेमोक्रेटिक) के शीर्ष नेताओं के काफिले को आदिबद्री के पास रोक लिया गया। आरोप है कि उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के नेता आशीष नेगी के समर्थकों ने कर्णप्रयाग-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग पर अपनी गाड़ी अड़ाकर रास्ता बाधित किया, नेताओं से अभद्रता की और उनकी गाड़ियों की चाबियां निकाल लीं। सूचना मिलने पर जब तक पुलिस मौके पर पहुंचती, आरोपी वहां से फरार हो गए।

सोशल मीडिया पर पहले से मिल रही थी धमकी:-यूकेडी (डेमोक्रेटिक) की केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मेजर संतोष भंडारी ने बताया कि गैरसैंण में पार्टी का कार्यालय खुलने वाला है,जिसकी सूचना हफ्तेभर पहले ही पुलिस-प्रशासन को दे दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो-तीन दिनों से आशीष नेगी और उनके समर्थक सोशल मीडिया और फोन के जरिए धमकी दे रहे थे कि गैरसैंण में दफ्तर नहीं खुलने दिया जाएगा और जबरदस्ती करने पर लाठियों से जवाब मिलेगा।

दो जगहों पर रोका रास्ता, गाड़ियों को पहुंचाया नुकसान:संतोष भंडारी के अनुसार, गैरसैंण आते वक्त आशीष नेगी के समर्थकों ने दो जगहों पर उनका रास्ता रोका। पहली बार एक रेस्टोरेंट में खाना खाने के दौरान बदतमीजी की गई।उसके बाद बकरिया बैंड के पास 20 से 25 युवकों ने बड़ी गाड़ी सड़क पर खड़ी कर मार्ग जाम कर दिया। नेताओं का आरोप है कि करीब एक घंटे तक उन्हें बंधक जैसी स्थिति में रखा गया और उनकी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया गया। जब नेताओं ने ‘112’ के जरिए पुलिस को सूचना दी, तो पुलिस के आने से पहले ही हुड़दंगी युवक मौके से भाग खड़े हुए।

पहाड़ का शांत माहौल खराब करने की कोशिश: आशुतोष नेगी:- काफिले में मौजूद पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष बलवेन्द्र सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष नेगी ने घटना पर कड़ा रोष जताया। आशुतोष नेगी ने कहा, “पहाड़ों के शांत वातावरण में कुछ लोग शराब के नशे में माहौल खराब कर रहे हैं। हमारा और उनका मकसद एक ही होना चाहिए—स्थाई राजधानी गैरसैंण, मूल निवास और सशक्त भू-कानून। लेकिन कुछ लोग मारपीट पर आमादा हैं।” संतोष भंडारी ने कहा कि युवाओं के भविष्य को देखते हुए उन्होंने फिलहाल मुकदमा दर्ज नहीं कराया है, लेकिन आईजी गढ़वाल और डीएम चमोली को पत्र लिखकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की गई है।

पुलिस का बयान:- गैरसैंण थाना अध्यक्ष मनोज सिरोला ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यूकेडी (डेमोक्रेटिक) का कार्यक्रम प्रस्तावित था।आदिबद्री के पास यूकेडी कार्यकर्ताओं द्वारा इन्हें रोके जाने की सूचना पर पुलिस बल मौके पर भेजा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी युवक वहां से जा चुके थे। पुलिस का कहना है कि लिखित तहरीर मिलने पर मामले में वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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