कर्णप्रयाग के सिमल्ट गांव के भूस्खलन प्रभावितों का दर्द, टेंट में गुजारनी पड़ रही रातें,दहशत में ग्रामीण।

कर्णप्रयाग के सिमल्ट गांव के भूस्खलन प्रभावितों का दर्द, टेंट में गुजारनी पड़ रही रातें,दहशत में ग्रामीण।

कर्णप्रयाग (चमोली):-14 अक्टूबर 2026

कर्णप्रयाग विकासखंड के सिमल्ट गांव में भूस्खलन के कारण पुश्तैनी मकानों में दरारें आने से चार परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए हैं। ग्रामीण दिन में अपने घरों में आना-जाना कर रहे हैं,लेकिन रात को सोने के लिए टेंट में लौट रहे हैं। टेंट में बिजली की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है।

प्रभावित रीना देवी, कमला देवी और विमला देवी समेत अन्य ग्रामीणों के सामने अपने पुश्तैनी घरों को लेकर चिंता बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि टेंट में बिजली नहीं होने से रात के समय काफी परेशानी होती है। ऐसे में लालटेन और मोमबत्ती के सहारे रात गुजारनी पड़ रही है। इसके अलावा, खेतों के आसपास सूअर और गुलदार जैसे जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों को इंतजार है कि आखिर कब तक उन्हें टेंट में रहकर गुजारा करना पड़ेगा।

उप जिलाधिकारी, कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने बताया कि,प्रशासन की ओर से कुछ दिन पहले गांव में प्रभावित ग्रामीणों के साथ वार्ता की गई थी। इसके बाद सुरक्षा को देखते हुए चार परिवारों को टेंट उपलब्ध कराए गए। रेडक्रॉस सोसाइटी की ओर से भी प्रभावित परिवारों को मदद दी गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।वहीं, भूगर्भीय सर्वे के लिए शासन को पत्रावली भेजी गई है और विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। सर्वे रिपोर्ट आने के बाद स्थिति का आकलन किया जाएगा। यदि अन्य मकानों में भी दरारें मिलने की पुष्टि होती है तो उनके संबंध में भी आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिमल्ट गांव के प्रभावित परिवारों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को टेंट उपलब्ध कराए गए हैं और उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल प्रभावित परिवारों के पास खाद्यान्न की कोई कमी नहीं है. भूगर्भीय सर्वे रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।

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