सड़क पर फैला रेता-बजरी बनी जानलेवा,बाइक फिसलने से युवा होटल कारोबारी की दर्दनाक मौत।
रामनगर (नैनीताल):-31 जुलाई 2026
रामनगर में सड़क निर्माण कार्य के दौरान बरती गई कथित लापरवाही एक युवा होटल कारोबारी के लिए जानलेवा साबित हुई।कानिया क्षेत्र में सड़क पर फैली रेता-बजरी के कारण बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है।
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान ललित महरा (30 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मूल रूप से कोटाबाग क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में रामनगर के कानिया क्षेत्र में रहते थे। ललित पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हुए थे और ग्राम सेमलखलिया में उनका 18 कमरों का एक होटल संचालित होता था। बताया जा रहा है कि गुरुवार रात करीब 11:30 से 12:00 बजे के बीच वह अपने होटल से बाइक पर सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान कानिया क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे डाली गई रेता-बजरी का कुछ हिस्सा सड़क पर फैल गया था। रात का समय होने और पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण ललित को सड़क पर फैली रेता-बजरी दिखाई नहीं दी। जैसे ही उनकी बाइक उस हिस्से पर पहुंची, वाहन का संतुलन बिगड़ गया और बाइक फिसलकर सड़क पर गिर गई। हादसा इतना गंभीर था कि ललित महरा को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं,आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल उठाकर सरकारी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
ललित महरा की असमय मौत से परिवार और परिचितों में गहरा शोक है। बताया गया कि उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। ऐसे में इस हादसे ने परिवार को एक और गहरा आघात पहुंचाया है। होटल व्यवसाय से जुड़े होने के कारण क्षेत्र में भी उनकी अच्छी पहचान थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। फिलहाल पुलिस शव का पंचायतनामा भरने की प्रक्रिया पूरी कर रही है, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का भी परीक्षण किया जा रहा है। सड़क पर फैली निर्माण सामग्री को लेकर भी जांच के दौरान संबंधित तथ्यों को शामिल किया जाएगा।
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण सामग्री को खुले में सड़क पर छोड़ देना और उचित चेतावनी संकेत न लगाना गंभीर लापरवाही है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान खतरे में पड़ सकती है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अनिवार्य बनाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
