अक्टूबर में केदारनाथ आ सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी,प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारीयां शुरू।

अक्टूबर में केदारनाथ आ सकते हैं प्रधानमंत्री मोदी,प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारीयां शुरू।

उत्तराखंड:-01 अक्टूबर 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर में उत्तराखंड के दौरे पर आ सकते हैं। संभावित कार्यक्रम के मुताबिक 22 से 25 अक्टूबर के बीच उनके केदारनाथ धाम पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अगर दौरा तय होता है तो करीब चार साल बाद प्रधानमंत्री बाबा केदार के दर्शन करेंगे। इस दौरान वह मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ केदारपुरी में चल रहे पुनर्निर्माण, यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा कर सकते हैं।

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए केदारनाथ धाम में प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी गई हैं। SPG की टीम भी धाम का निरीक्षण कर चुकी है। प्रशासन की ओर से निर्माण कार्यों, यात्रा व्यवस्था और अन्य तैयारियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है और आधिकारिक कार्यक्रम PMO की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। संभावित दौरे में टिहरी स्थित THDC के 1000 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज प्लांट का लोकार्पण भी शामिल हो सकता है। ऐसे में प्रधानमंत्री के उत्तराखंड दौरे में केदारनाथ के धार्मिक और पुनर्निर्माण कार्यों के साथ गढ़वाल की बड़ी ऊर्जा परियोजना भी महत्वपूर्ण केंद्र में रह सकती है।

प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी अब तक छह बार केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं। उनकी पिछली यात्रा 21 अक्टूबर 2022 को हुई थी। उस दौरान उन्होंने बाबा केदार के दर्शन और रुद्राभिषेक किया था। इसके अलावा उन्होंने आदि गुरु शंकराचार्य समाधि स्थल का दौरा किया और मंदाकिनी आस्था पथ व सरस्वती आस्था पथ से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा की थी। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ पुनर्निर्माण परियोजनाओं में काम कर रहे श्रमिकों से भी बातचीत की थी।

केदारनाथ के पुनर्निर्माण की बड़ी पृष्ठभूमि जून 2013 में आई विनाशकारी आपदा से जुड़ी है। बाढ़ और भूस्खलन के कारण केदारपुरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद यहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ बुनियादी सुविधाओं और तीर्थयात्रियों से जुड़ी व्यवस्थाओं को नए सिरे से विकसित करने का काम शुरू हुआ। 20 अक्टूबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारपुरी पुनर्निर्माण से जुड़ी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी थी। इनमें मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के किनारे घाट व सुरक्षा दीवार, केदारनाथ मंदिर तक पहुंच मार्ग, शंकराचार्य कुटीर एवं संग्रहालय और तीर्थ पुरोहितों के आवास जैसी योजनाएं शामिल थीं। टिहरी का 1000 मेगावाट पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है। इसमें 250 मेगावाट की चार रिवर्सिबल यूनिट लगाई गई हैं। जरूरत के समय पानी को ऊपरी जलाशय तक पहुंचाकर ऊर्जा को स्टोर किया जा सकता है और बिजली की मांग बढ़ने पर इसी पानी से बिजली उत्पादन किया जाता है। THDC के अनुसार इसकी पूरी 1000 मेगावाट क्षमता 12 अप्रैल 2026 तक कमीशन हो चुकी है। यह परियोजना पीक डिमांड के दौरान बिजली उपलब्ध कराने और ग्रिड को संतुलित रखने के साथ सौर व पवन ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल में भी मदद करती है।

प्रधानमंत्री का संभावित कार्यक्रम केदारनाथ और टिहरी जैसे गढ़वाल क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण केंद्रों को जोड़ सकता है। एक ओर केदारनाथ में धार्मिक पर्यटन, पुनर्निर्माण और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े कामों की समीक्षा हो सकती है, तो दूसरी ओर टिहरी की बड़ी ऊर्जा परियोजना पर भी फोकस रहने की संभावना है। हालांकि, दौरे का अंतिम कार्यक्रम और इसमें शामिल होने वाले कार्यक्रमों की आधिकारिक जानकारी PMO की पुष्टि के बाद ही सामने आएगी।

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