देहरादून में इलाज के दौरान बड़ी लापरवाही का आरोप, गलत गुर्दे का ऑपरेशन होने के बाद किशोर की मौत,6 लोगों पर मुकदमा दर्ज।
देहरादून-15 जुलाई 2026
राजधानी देहरादून में इलाज के दौरान कथित चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर मामला सामने आ रहा है। सड़क दुर्घटना में घायल हुए एक 15 वर्षीय किशोर की मौत के मामले में अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोर्ट के आदेश के बाद नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने पांच डॉक्टरों और एक अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी मैनपाल ने अपने अधिवक्ता शिवा वर्मा के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दायर किया। शिकायत के अनुसार उनका पुत्र गौरव (15 वर्ष) 3 जुलाई 2022 को एक सड़क हादसे में घायल हो गया था। दुर्घटना में उसके दाहिने हाथ और दाहिने गुर्दे में गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने उसे देहरादून के रिस्पना पुल स्थित प्रसाद मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉ. आलम ने मरीज को भर्ती तो कर लिया, लेकिन कई घंटों तक आवश्यक ऑपरेशन नहीं किया। पूछताछ करने पर बताया गया कि ऑपरेशन के लिए बाहर से डॉक्टर बुलाए गए हैं।भौगोलिक संदर्भ
शिकायत के मुताबिक 4 जुलाई की रात डॉक्टरों ने गौरव के दाहिने हाथ का ऑपरेशन किया, जबकि सबसे अधिक खतरा गुर्दे की चोट से था। इसके अगले दिन, यानी 5 जुलाई को, जिस दाहिने गुर्दे में चोट थी उसकी जगह कथित तौर पर बाएं गुर्दे का ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के बाद गौरव की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। परिजनों ने अस्पताल से छुट्टी देने की मांग की, लेकिन आरोप है कि डॉ. आलम ने डिस्चार्ज देने से इनकार कर दिया। 8 जुलाई की शाम जब किशोर की स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई, तब उसे दूसरे अस्पताल रेफर किया गया। इसके बाद गौरव को सिनर्जी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर सही उपचार किया जाता और ऑपरेशन में लापरवाही नहीं होती, तो उनके बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
शिकायतकर्ता ने डॉ. आलम, डॉ. ऋतु गोयल, डॉ. शिवांकर आजाद, डॉ. अनुज, डॉ. बिलाल कलीम तथा अस्पताल संचालक को बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है। मामले की सुनवाई के बाद पंचम अपर सिविल जज भारती मंगलानी ने शिकायत को स्वीकार करते हुए नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस को सभी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए। अदालत के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
