पीएम के दौरे से पहले आपदा के 1200 करोड़ का उठा मुद्दा, विपक्ष ने डबल इंजन सरकार को घेरा।
देहरादून- 08 अप्रैल 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को उत्तराखंड दौरे पर आ रहे है। हालांकि, इस दौरान पीएम दिल्ली- देहरादून एक्सप्रेस वे का शुभारंभ करेंगे। साथ ही देहरादून के गढ़ीकैंट स्थित महिंद्रा ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित भी करेंगे। पीएम मोदी के उत्तराखंड दौरे से पहले ही पिछले साल उत्तराखंड में आई आपदा के दौरान पीएम की ओर से की गई 1200 करोड़ रूपए की घोषणाओं का मामला चर्चाओं में आ गया है। दरअसल, प्रदेश में अगस्त 2025 में आई आपदा के बाद पीएम 11 सितम्बर 2025 को उत्तराखंड आए थे। इस दौरान पीएम ने आपदा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक कर 1200 करोड़ रुपए के वित्तीय सहायता की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिल पाई है।
उत्तराखंड राज्य में मानसून के दौरान 5 अगस्त 2025 को धराली- हर्षिल में आपदा आने में बाद प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में आपदा आने का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद भारी बारिश के चलते उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उधमसिंह नगर और देहरादून में भी आपदा जैसे हालात बने थे। जिसको देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नुकसान का आंकलन किया गया। और विभाग ने करीब 5702.15 करोड़ रुपए का मेमोरेंडम तैयार भारत सरकार को भेजा गया था। उसी दौरान उत्तराखंड दौरे पर आए पीएम मोदी ने उत्तराखंड को तात्कालिक राहत पैकेज के रूप में 1200 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक इस राहत पैकेज से राज्य को कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है।
ऐसे में आपदा प्रबंधन विभाग ने इस राहत पैकेज को प्राप्त करने के लिए पोस्ट डिजास्टर नीड एसेसमेंट कराने का निर्णय लिया। ताकि पीडीएनए के आधार पर केंद्र सरकार की ओर से घोषित आर्थिक पैकेज की धनराशि को जारी करवाया जा सके। इसी क्रम में विभाग ने टीमें गठित कर अक्टूबर महीने में प्रदेश के सभी जिलों का पीडीएनए करवाया। साथ ही पीडीएनए की रिपोर्ट को भारत सरकार को भेज दिया। पीडीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, आपदा की वजह से राज्य को प्रत्यक्ष क्षति के रूप में 3,792.38 करोड़, अप्रत्यक्ष क्षति के रूप में 312.19 करोड़ और नुकसान की भरपाई, व्यवस्थाएं पटरी पर लाने और बेहतर पुनर्वास पुनर्निर्माण के लिए 10,998.95 करोड़ रुपए की जरूरत का जिक्र किया गया। यानी पीडीएनए रिपोर्ट के आधार पर 15,103.52 करोड़ रुपए का नुकसान का जिक्र किया गया।
लेकिन अभी तक पीएम की ओर से की गई घोषणा में सापेक्ष कोई धनराशि राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि, इतना जरूर है कि कुछ समय पहले ही भारत सरकार की ओर से राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के तहत उत्तराखंड को 113.90 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की गई है। पीएम की ओर से की गई 1200 करोड़ रुपए की घोषणाओं के एवज में राज्य को प्राप्त धनराशि के सवाल पर आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि ये प्रक्रिया अंतिम चरण में है। कुछ दिन पहले ही भारत सरकार के साथ मुख्य सचिव की बैठक हुई है। ऐसे में बहुत जल्द ही पैसा राज्य को प्राप्त हो जाएगा।
तो वही, इस पूरे मामले पर कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर दैवीय आपदा आई थी। इस आपदा के बाद पीएम मोदी ने 1200 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की बात कही थी। लेकिन अभी तक पीएम की घोषणा के अनुसार राज्य को धनराशि उपलब्ध नहीं हो पाई है। साथ ही कहा कि डबल इंजन की सरकार है और इस सरकार में आपदा का धन उपलब्ध नहीं हो पता है, तो इससे गंभीर विषय दूसरा कोई ही नहीं सकता है। लिहाजा, डबल इंजन सरकार की संवेदनशीलता दैवीय आपदा में दिखाई दे रही है।
तो वही, भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में आपदा आई और उसकी त्रासदी बहुत ज्यादा रहीं। जिसको देखते हुए खुद सीएम धामी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण किया। जबकि कांग्रेस का उत्तराखंड के जन सरोकारों से कोई ताल्लुक नहीं है बल्कि वो केवल आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति पर विश्वास करती है। साथ ही कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए कुछ धनराशि आमंत्रित हुई है और कुछ प्रक्रिया में है। ऐसे में जल्द ही बची हुई धनराशि भी जारी कर दी जाएगी।
