बद्रीनाथ धाम पहुंची उद्धव जी व कुबेर जी की उत्सव डोलियां, गूंजे “जय बद्री विशाल” के जयकारे।
बद्रीनाथ धाम (चमोली)- 22 अप्रैल 2026
शीतकालीन प्रवास के बाद आज भगवान बद्री विशाल के प्रतिनिधि स्वरूप उद्धव जी एवं देवताओं के खजांची कुबेर जी की पवित्र उत्सव डोलियाँ योगध्यान बद्री मंदिर, पांडुकेश्वर से बद्रीनाथ धाम पहुँच गईं। इस दिव्य आगमन के साथ ही धाम में कपाट खुलने की तैयारियों को और गति मिल गई है व सम्पूर्ण क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो उठा।
आज प्रातःकाल योगध्यान बद्री मंदिर,पांडुकेश्वर में पारंपरिक पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बाद इस पावन यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा में भगवान बद्री विशाल की उत्सव डोली, आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी, पवित्र गाडू घड़ा (तिल तेल कलश), रावल जी (मुख्य पुजारी) सहित भगवान के सखा उद्धव जी एवं खजांची कुबेर जी की डोलियाँ भव्यता के साथ बद्रीनाथ धाम की ओर रवाना हुईं।
पूरे यात्रा मार्ग में अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। भारतीय सेना के बैंड की मधुर एवं भक्तिपूर्ण धुनों, “जय बद्री विशाल” के गगनभेदी जयकारों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच यह पवित्र काफिला आगे बढ़ता रहा। मार्ग में पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों, विष्णुप्रयाग, लामबगड़ एवं हनुमानचट्टी पर स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं द्वारा डोलियों का पारंपरिक स्वागत किया गया तथा पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया गया। यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत पुलिस द्वारा पूरे मार्ग पर चाक-चौबंद प्रबंध किए गए थे, जिससे यह संपूर्ण यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सकी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब शीतकाल में बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद हो जाते हैं, तब भगवान विष्णु के प्रतिनिधि उद्धव जी एवं कुबेर जी योगध्यान बद्री, पांडुकेश्वर में विराजमान रहते हैं। चारधाम यात्रा के पुनः आरंभ से पूर्व इन दिव्य स्वरूपों का बद्रीनाथ धाम लौटना एक अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा है, जो यह दर्शाता है कि भगवान की दिव्य सत्ता और व्यवस्था निरंतर बनी रहती है। उद्धव जी एवं कुबेर जी की इस पावन वापसी के साथ ही अब बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, जिसका देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
बताते चलें कि 23 अप्रैल को ब्रह्म मुहुर्त में 6ः15 बजे बदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने जा रहे हैं। इसके चलते ज्योतिर्मठ से आदिगुरू शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा संग रावल अमरनाथ नंबूदरी तथा बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषिप्रसाद सती की अगुवाई में शंकराचार्य की डोली पांडुकेश्वर मैं रात्रि विश्राम के बाद आज बद्रीनाथ धाम पहुंच गई है.
भू बैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की पावन प्रक्रिया का कल विधिवत शुभारम्भ हो गया था। इसी क्रम में आदिगुरु शंकराचार्य जी की डोली एवं पौराणिक गाडू घड़ा कलश यात्रा पूरे धार्मिक अनुष्ठान, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्यता के साथ ज्योतिर्मठ से प्रस्थान कर पाण्डुकेश्वर स्थित योग ध्यान बद्री मंदिर पहुँची जहां से आज बद्रीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया।
वहीं, आज प्रदेश के मुखिया पुष्कर सिंह धामी भी आज दोपहर 3 बजे के आसपास बद्रीनाथ धाम पहुंचेंगे, जहां मुख्यमंत्री मास्टर प्लान के तहत हो रहे निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे.वहीं,23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर बद्रीनाथ धाम में दर्शन व पूजा अर्चना करेंगे।
