बंगला साहिब गुरुद्वारा विवाद में दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई,अरविंद केजरीवाल, AAP विधायकों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज।
नई दिल्ली:-12 अक्टूबर 2026
गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रदर्शन और धार्मिक स्थल की मर्यादा भंग करने के आरोपों को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) की लिखित शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। इस शिकायत में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं व विधायकों के नाम प्रमुखता से शामिल किए गए हैं।
जानिए क्या है पूरा विवाद⤵️
मामला दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। DSGMC के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और वरिष्ठ पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली जिले के डीसीपी को औपचारिक शिकायत और वीडियो फुटेज सौंपी थी। कमेटी का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोची-समझी साजिश के तहत गुरुद्वारा परिसर के भीतर राजनीतिक नारेबाजी की, बैनर-तख्तियां निकालीं और पवित्र स्थल का इस्तेमाल राजनीतिक अखाड़े के रूप में किया।
केजरीवाल और आप नेताओं पर गंभीर आरोप
सिख कमेटी ने अपनी शिकायत में दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल लोग आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ता थे, जिन्हें सोची-समझी रणनीति के तहत भेजा गया था। इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि अरविंद केजरीवाल और AAP के नेताओं ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े ‘भ्रामक और चुनिंदा’ वीडियो शेयर करके मामले को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश की, जिससे सिख संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और कमेटी की छवि को नुकसान पहुंचाया गया।
दूसरी तरफ, आप नेताओं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि प्रदर्शनकारी केवल शरण लेने गुरुद्वारे गए थे। उन्होंने पुलिस की गुरुद्वारा परिसर में एंट्री पर भी सवाल उठाए थे, हालांकि दिल्ली पुलिस ने साफ किया था कि पुलिस ने मर्यादा का पूरा ध्यान रखा और दर्बार साहिब के मुख्य हॉल में प्रवेश नहीं किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नई दिल्ली जिला पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और सौंपे गए वीडियो के जरिए उपद्रव करने वाले लोगों की शिनाख्त कर रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दिल्ली की राजनीति और गर्माने के पूरे आसार हैं।कमेटी का मानना है कि यह पूरी घटना केवल एक सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि धार्मिक स्थल पर सुनियोजित तरीके से विवाद पैदा कर राजनीतिक लाभ हासिल करने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है। DSGMC ने दिल्ली पुलिस से अपील की थी कि इस संवेदनशील धार्मिक मामले को देखते हुए सभी डिजिटल साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित किया जाए, दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून सम्मत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
