मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में भूमि बिक्री मामले में धोखाधडी की शिकायत,हिस्से की 12 नाली भूमि बेचने का आरोप।
ग्रामीण ने उपजिलाधिकारी गैरसैंण को लिखित शिकायत देकर की कार्यवाही की मांग।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)-13 जुलाई 2026
रिपोर्ट:-प्रेम संगेला
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में भूमि बिक्री मामले में ग्रामीण ने उपजिलाधिकारी को धोखाधडी का शिकायत पत्र देते हुए कार्यवाही की मांग की है।
मामले को लेकर सोमवार को ग्रामीण सुरेन्द्र सिंह ने धोखे से अपनी पुस्तैनी जमीन बेचे जाने का शिकायती पत्र उपजिलाधिकारी गैरसैंण व तहसीलदार को दिया ।जिसके अनुसार गोल खाता संख्या 93 के कुल 14 हिस्सेदार हैं,जिनमें सुरेन्द्र के पिता मदन सिंह पुत्र मकड सिंह भी हिस्सेदार हैं। शिकायती पत्र के अनुसार भूमि की बिक्री के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया है। हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम व उत्तराखंड जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम के अनुसार भूमि बिक्री के समय सभी खातेदारों की सहमति लेना आवश्यक होता है। लेकिन मामले में ऐसा न कर गुपचुप तरीके से सौदा कर दिया गया । जिसके तहत 13 मई को रवि चौहान पुत्र कुलदीप चौहान निवासी अल्मोडा व हरि सिंह पुत्र नैन सिंह निवासी बागेश्वर को भूमि बेची गयी है । सुरेन्द्र ने बताया की कुल बेची गयी 35 नाली भूमि में से उनके खेत नम्बर 663 ,671 व 672 भी शामिल हैं जिनका नाप लगभग 12 नाली के बराबर है।
उल्लेखनीय है की विगत जून माह की शुरुआत में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में चार काश्तकारों द्वारा 35 नाली भूमि बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जहां स्थानीय लोगों ने बड़ी मात्रा में भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की थी। जिसके बाद बिक्री की गई भूमि की वैधानिक जांच के लिए जिलाधिकारी चमोली द्वारा अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में जांच टीम का भी गठन किया गया था जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है।
मामले को लेकर तहसीलदार हरीश पांडे ने बताया की बेची गयी भूमि को लेकर दाखिल खारिज की कार्यवाही से पूर्व 23 जुलाई को सुनवाई होनी है, जिसमें शिकायतकर्ता ओर भूमि बेचने वाले काश्ताकारों को बुलवाया गया है,दोनों पक्षों के दावों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
