विकासखंडों में सचिव की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी से हटाए जाने की सुगबुगाहट से नाराजगी।
गैरसैंण-02 जून 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।
प्रदेशभर के विकासखंड कार्यालयों में खंड विकास अधिकारी की जगह अराजपत्रित अधिकारी को सचिव की कमान दिए जाने की सुगबुगाहट से जनप्रतिनिधियों में नाराजगी देखने को मिल रही है । जिसको लेकर विकासखंड गैरसैंण की प्रमुख दुर्गा देवी सहित अन्य पंचायत प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर पुरानी व्यवस्था को ही यथावत रखने की मांग की है।
दरअसल कुछ दिनों से सरकार स्तर पर प्रदेश के विकासखंडों में खंड विकास अधिकारी से सचिव का कार्यभार सहायक विकास अधिकारी पंचायत को सौंपे जाने की बात चल रही है ,जिसको लेकर एक प्रस्ताव कैबिनेट में लाए जाने का विचार सरकार स्तर पर चल रहा है ।जिससे मामले को लेकर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिल रही है, पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र पंचायत व्यवस्था 1952 की मूल भावना को मध्येनजर रखते हुए राजपत्रित अधिकारी के रूप में खंड विकास अधिकारी को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है । जिसे वर्तमान में परिवर्तित कर समूह ग के पद के अराजपत्रित अधिकारी को यह दायित्व दिए जाने से क्षेत्र पंचायत की व्यवस्थाएं कमजोर होंगी।
ज्येष्ट उप प्रमुख लीलाधर जोशी ने कहा कि खंड विकास अधिकारी को वित्तीय व्यवस्थाएं संभालने से लेकर केंद्र व राज्य की महत्वपूर्ण योजनाओं के संचालन के लिए ट्रेनिंग के दौरान जिम्मेदारियों के निर्वहन का तौर तरीका भी सिखाये जाते हैं, वहीं अगर ये व्यवस्था अराजपत्रित अधिकारी को दे दी जाएंगी तो निश्चित ही क्षेत्र पंचायत का कमजोर होना तय है ।जिससे योजनाओं के संचालन में भी परेशानियां आयेंगी।
कनिष्ठ उप प्रमुख हरदेव सिंह ने कहा कि सरकार को चाहिए कि पंचायत विभाग के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी व ग्रामीण विकास के ग्राम विकास अधिकारी के पदों का एकीकरण किया जाए ,जिससे गांव की समस्याओं के निराकरण में सहूलियत मिलेगी । क्षेत्र पंचायत प्रमुख दुर्गा देवी ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में पंचायत राज मंत्री, पंचायत सचिव व ग्राम विकास सचिव को प्रेषित किए गए पत्र में पूर्व की व्यवस्था को यथावत रखे जाने की मांग की है।
