UKSSSC पेपर लीक मामले में ईडी ने हाकम सिंह की 63.30 लाख की संपत्तियां की अटैच।

UKSSSC पेपर लीक मामले में ईडी ने हाकम सिंह की 63.30 लाख की संपत्तियां की अटैच।

देहरादून:-01 अगस्त 2026

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत 63.30 लाख रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी का दावा है कि ये संपत्तियां पेपर लीक से अर्जित अवैध धन से खरीदी गई थीं। यह कार्रवाई देहरादून स्थित प्रवर्तन निदेशालय निवारण के सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत की है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच 2021 की स्नातक स्नातक स्तरीय स्तरीय (VDO/VPDO) भर्ती परीक्षा पेपर लीक और 2016 की VDO/VPDO परीक्षा में अनियमितताओं से संबंधित देहरादून के रायपुर थाने तथा विजिलेंस सेक्टर में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी।

जांच में खुलासा हुआ कि हाकम सिंह रावत के नेतृत्व में एक संगठित गिरोह, जिसमें परीक्षा की प्रिंटिंग एजेंसी (RMS Techno Solutions Pvt. Ltd.) के कर्मचारी, कुछ लोक सेवक,बिचौलिए और अन्य सहयोगी शामिल थे, ने गोपनीय प्रश्नपत्र लीक कर भर्ती प्रक्रिया में व्यापक हेरफेर की। आरोप है कि अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए और इस अवैध कमाई से चल एवं अचल संपत्तियां खरीदी गईं।

पेपर लीक से कमाए धन से खरीदी गईं संपत्तियां

ईडी के मुताबिक जांच में सामने आया कि हाकम सिंह रावत ने आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों और अन्य बिचौलियों के साथ मिलकर संगठित तरीके से पेपर लीक सिंडिकेट संचालित किया। आरोप है कि लीक प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों तक मोटी रकम लेकर पहुंचाए गए। इसी अवैध कमाई का इस्तेमाल संपत्तियां खरीदने में किया गया।

95 लाख रुपये की अवैध कमाई का दावा

वित्तीय जांच में ईडी को पता चला कि हाकम सिंह रावत ने इस पूरे नेटवर्क के जरिए करीब 95 लाख रुपये की अवैध कमाई की। बैंक खातों की जांच में बड़ी मात्रा में नकद जमा होने के साक्ष्य मिले। एजेंसी के अनुसार इन पैसों को वैध दिखाने के लिए आयकर रिटर्न में कृषि आय दर्शाई गई. जांच में कृषि गतिविधि का दावा फर्जी पाया गया।

14 ठिकानों पर छापेमारी

ईडी ने जांच के दौरान 14 स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान डिजिटल उपकरण, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई। एजेंसी का कहना है कि जांच में हाकम सिंह के अलावा अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है।

2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा मामला

जांच एजेंसी के अनुसार यह भर्ती घोटाला साल 2016 और 2021 की भर्ती परीक्षाओं में हुई व्यापक अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच में ओएमआर शीट में छेड़छाड़, गोपनीय प्रश्नपत्र लीक करने और अभ्यर्थियों को अवैध लाभ पहुंचाने की साजिश का खुलासा हुआ है। ईडी ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच अभी भी जारी है।

विशेष अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल

ईडी ने बताया कि इस मामले में आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों, सरकारी अधिकारियों, बिचौलियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए अदालत, देहरादून में पहले ही अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दाखिल की जा चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!