पुल निर्माण के दौरान कटाव से आवासीय भवन खतरे में,पीडितों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार।
माईथान (गैरसैंण):-01 अगस्त 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.
विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत मालकोट-तेवाखर्क निर्माणाधीन मोटर मार्ग पर रामगंगा नदी पर बन रहे पुल के निर्माण के दौरान जमीन धसने से एक गौशाल ध्वस्त होने के बाद अब आवासीय मकान को खतरा बना हुआ है,जिसको लेकर पीड़ित भवन स्वामियों ने उपजिलाधिकारी गैरसैंण के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेज आवासीय भवनों के बचाव की व्यवस्था करने की मांग की है।
मेहलचौरी से 5 किलोमीटर दूर मालकोट से तेवाखर्क गांव को जोडने के लिए सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है,जिसके लिए रामगंगा नदी पर बनने वाले लौह सेतु का निर्माण इसी साल प्रारंभ किया गया है। पुल निर्माण के लिए नदी किनारे पुल के आधार के लिए बनाए गए गड्ढे में नदी का पानी भरने से कटाव शुरू हो गया, जिसके चलते स्थानीय निवासी दलीप सिंह कठैत एवं दीपराज सिंह कठैत के आवासीय भवन पर खतरा मंडरा रहा है। लगातार बरसात के चलते नदी का जलस्तर बढने के साथ ही प्रभावित स्थल पर भी लगातार भूस्खलन बढ रहा है,जिसके कारण गौशाला ध्वस्त होने के बाद अब आवासीय मकान पर भी खतरा मंडरा गया है।
मकान की सुरक्षा दीवार के नदी में समा जाने से,परिवारजन डर के साए में रहने को मजबूर हैं। इसको लेकर दलीप सिंह ने कहा कि निर्माणदायी संस्था लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पहले ही सुरक्षा दीवार बनाने की गुहार लगाई गई थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बरसात के कारण बढते पानी से लगातार हो रहे कटाव से मकान को खतरा बना हुआ है।
मामले में लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता राहुल बिष्ट ने बताया की मकान की सुरक्षा को देखते हुए वायर क्रेट सुरक्षा दीवार का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिसे जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही ध्वस्त गौशाला के क्षतिपूर्ति के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
