उत्तराखंड में ग्रीन सेस-बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली गाड़ियों को देना होगा ग्रीन सेस,निजी वाहनों को भी लाया गया ग्रीन सेस के दायरे में।
उत्तराखंड (देहरादून)- 25 जनवरी 2026
उत्तराखंड में ग्रीन सेस लागू कर दिया गया है। अब बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली गाड़ियों को ग्रीन सेस देना होगा। इसकी शुरुआत हरिद्वार जिले के नारसन चेकपोस्ट से की गई है। सरकार का दावा है कि यह कदम राज्य की आर्थिकी को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम साबित होगा।
लंबी जद्दोजहद के बाद उत्तराखंड सरकार ने ग्रीन सेस को ज़मीन पर उतार दिया है। नए साल की शुरुआत में तीन दिन तक बॉर्डर एरिया पर इसका ट्रायल किया गया, जो सफल रहा। इसके बाद नारसन चेकपोस्ट पर ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकग्निशन कैमरों के जरिए ग्रीन सेस वसूली शुरू कर दी गई है। अब तक बाहरी राज्यों से आने वाली केवल कमर्शियल गाड़ियों से एंट्री टैक्स लिया जाता था, लेकिन अब निजी वाहनों को भी ग्रीन सेस के दायरे में लाया गया है। गाड़ियों की पहचान कैमरों से की जा रही है और फास्टैग के जरिए सीधे भुगतान काटा जा रहा है। सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ग्रीन सेस को पूरी तरह प्रभावी बना दिया जाएगा, ताकि भारी संख्या में आने वाले वाहनों से होने वाले पर्यावरणीय दबाव को संतुलित किया जा सके। उत्तराखंड हिमालय और नदियों का राज्य है, जिसका देश की इकोनॉमी में बड़ा योगदान है। ग्रीन सेस राज्य की आर्थिकी और संसाधनों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सचिव वित्त दिलीप जावलकर ने बताया कि राज्य के सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि विभिन्न कार्यों व योजनाओं के लिए बजट समय से खर्च करें। अंत के महीने में बजट खर्च न करें। अक्सर देखने में आया है कि विभाग आखिर के तीन महीने में ही बजट खर्च पर जोर देते हैं। सचिव वित्त ने बताया कि इस बार भी पिछली बार की तुलना में अतिरिक्व व्यव सफल तरीके से कर पायेंगे। सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि बजट का समयबद्ध और संतुलित उपयोग किया जाए, ताकि विकास कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे।
