हाईकोर्ट ने तमाम जगहों से अतिक्रमण हटाए जाने वाली याचिका पर की सुनवाई, सीएस को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के आदेश।
नैनीताल-17 दिसम्बर 2025
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने वन विभाग, राजकीय राजमार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, वन भूमि व राजस्व भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार को पूर्व में जिला स्तरीय कमेटी बनाकर अतिक्रमण चिन्हित कर अतिक्रमणकारियों की सुनाई करने के आदेश दिए थे। लेकिन याचिकाकर्ता द्वारा कोर्ट को बताया गया कि कई जगह बिना नोटिस दिए ही प्रशासन ने अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है।
मुख्य सचिव को कोर्ट में पेश होने के आदेश⤵️
जिस पर हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश होने के साथ सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का किस तरह से पालन किया जाए ये बताने को कहा है? मामले में एक सप्ताह बाद अगली सुनवाई नियत की गई है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में हुई। मामले के अनुसार दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर कहा है कि नैनीताल के पदमपुरी में वन विभाग की भूमि व रोड के किनारे कुछ लोगों ने सम्बंधित अधिकारियों की मिलीभगत से अतिक्रमण किया है।
पदमपुरी अतिक्रमण मामले में सुनवाई⤵️
जिसकी वजह से लोगों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लिहाजा इसे हटाया जाए. कोर्ट ने इस पत्र का संज्ञान लेकर जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की थी साथ मे कोर्ट ने जनहित याचिका का क्षेत्र को विस्तृत करते हुए पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्ग, राजकीय राजमार्ग ,वन भूमि व राजस्व भूमि से अतिक्रमण हटाने के आदेश सभी जिला अधिकारी व डीएफओ को देकर रिपोर्ट पेश करने को कहा था। प्रदेश में बीजेपी सरकार सरकारी जमीनों व तमाम जगहों से अतिक्रमण हटाने के लिए सख्त कदम उठा रही है। जिसके बाद प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। जिसका कई बार लोग विरोध करते दिखाई दिए हैं।
