मसूरी एमपीजी कॉलेज में चुनावी घमासान थमा,तीन नामांकन निरस्त करने का फैसला बरकरार,29 सितंबर को मतदान।

मसूरी एमपीजी कॉलेज में चुनावी घमासान थमा,तीन नामांकन निरस्त करने का फैसला बरकरार,29 सितंबर को मतदान।

मसूरी (देहरादून):-26 सितंबर 2026

एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्र संगठनों के बीच चल रहा गतिरोध शनिवार को समाप्त हो गया। प्राचार्य डॉ. सुनील पवार और चुनाव अधिकारी डॉ. अमिताभ भट्ट की छात्र संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ हुई वार्ता में 29 सितंबर को मतदान कराने पर सहमति बनी। हालांकि, एबीवीपी के तीन प्रत्याशियों के नामांकन निरस्त करने का फैसला बरकरार रखा गया। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नामांकन निरस्तीकरण की कार्रवाई चुनाव नियमों के अनुरूप की गई है।

नामांकन निरस्त होने के बाद कॉलेज में विवाद बढ़ गया था। एबीवीपी ने विरोध जताया, जबकि एनएसयूआई ने कॉलेज प्रशासन की कार्रवाई को नियम सम्मत बताया। विवाद के चलते धरना और अनिश्चितकालीन अनशन भी शुरू हो गया था। शनिवार को हुई वार्ता में चुनाव नियमों की जानकारी देने के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।

चुनावी तस्वीर के अनुसार अध्यक्ष पद पर तीन, महासचिव पद पर तीन और कोषाध्यक्ष पद पर दो प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं, तीन पदों पर एक-एक प्रत्याशी शेष रहने से निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन गई है।

प्राचार्य डॉ. सुनील पवार ने बताया कि 29 सितंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 1:30 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे और विजयी प्रत्याशियों को शपथ दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कॉलेज पहचान पत्र के बिना किसी भी छात्र को प्रवेश और मतदान की अनुमति नहीं मिलेगी।

कांग्रेस शहर अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि नामांकन निरस्तीकरण नियमों के अनुसार हुआ है। उन्होंने दावा किया कि इस बार एनएसयूआई कॉलेज में अपना परचम लहराएगी। वहीं, भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष राकेश रावत ने कहा कि एबीवीपी हमेशा छात्र हितों के लिए संघर्ष करती रही है। एमपीजी कॉलेज संगठन का गढ़ रहा है और इस बार भी एबीवीपी के प्रत्याशी जीत दर्ज करेंगे।

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