श्रीलंकाई युवा साईकिल से कर रहा भारत भ्रमण,भारत की भाषा संस्कृति व खानपान की विविधता से हुए प्रभावित।
प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित युवा ने भारत के जेनजी को बताया आलराउंडर।
मेहलचौरी (गैरसैंण):-26 सितंबर 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
घुम्मकडी का शौक और जानने की जिजीविषा हो तो कोई भी अडचन आड़े नहीं आती है। ऐसे ही भारत देश की भाषा,सांस्कृति ओर खानपान की विविधता को जानने की इच्छा को लेकर घर से निकले श्रीलंका के 32 वर्षीय नौजवान ज्ञान संजीवा उपहार में मिली साइकिल के सहारे भारत देश की यात्रा पर निकल आए,आर्थिक रूप से औसत परिवार से संबंध रखने वाले ज्ञान संजीवा 20 जून को घर से निकले थे।
छह महीने में साईकिल से भारत की 10 हज़ार किलोमीटर भ्रमण का लक्ष्य लेकर निकले युवा श्रीलंका के दक्षिणी हिस्से के नेलुआ गांव ओर जिला गाले के रहने वाले हैं। कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई कर चुके ज्ञान फ्रीलांसर वीडियो रिकॉर्डर का काम कर पारिवारिक खर्च भी चलाते हैं,जबकि ज्ञान की पत्नी अमाली अभी जापान से टेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही हैं।माता पिता घर पर खेती -बाडी ओर छोटा मोटा कारोबर करते हैं।
भारत की विविधताओं से भरी भाषा,संस्कृति ओर खानपान की जानकारी से प्रभावित होकर उन्होंने साइकिल से भारत भ्रमण का फैसला लिया,तो माली हालत बहुत सुदृढ़ न होने के चलते श्रीलंका की ल्यूमेक साइकिल कंपनी ने उन्हें एक साइकिल उपहार में देकर मदद की,वहीं सफर में जरूरी उपकरण और ड्रेस एडवेंचर कंपनी स्केन एलपाइन ने उपलब्ध करा उनके भारत भ्रमण की इच्छा को पूरी करने में मदद की।
ज्ञान बताते हैं कि अब तक वो लगभग पांच हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं,जिसमें दक्षिण भारत के तमिलनाडु,केरल,कर्नाटक,उड़ीसा से होते हुए पूर्वोतर के राज्यों में शामिल असम,बिहार झारखंड से होते हुए उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड पहुंचे हैं। इसके बाद लगभग शेष पांच हजार किलोमीटर का सफर हिमाचल,जम्मू कश्मीर,राजस्थान से होते हुए दिसंबर माह तक घर वापसी करेंगे। भारत के लोगों का व्यवहार जहां उन्हें बेहद पसंद आया वहीं खाने-पीने की सामाग्री के उचित दामों ने भी उन्हें प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि भारत देश जहां टेक्नोलॉजी ओर तरक्की कर मामले में बहुत तेजी से आगे बढ रहा है,वहीं खाने-पीने का सामान अभी भी सस्ता मिलने से आम आदमी का जनजीवन सरल है। सिंघली भाषा के साथ ही अंग्रेजी और थोड़ा बहुत तमिल भाषा जानने वाले ज्ञान ने अपने नाम का अर्थ बताते हुए कहा कि सिंघली में ज्ञान का अर्थ सूर्योदय होता है। भाषा की अडचन के बीच भारत के लोगों का आत्मीयता ओर अपनेपन से भरा व्यवहार उन्हें खूब पसंद आ रहा है। वहीं हर 20 से 30 किलोमीटर पर भाषा, संस्कृति और खानपान के बदले हुए स्वरूप को लेकर उन्होंने कहा कि भारत में विविधतापूर्ण जीवन होने के साथ ही यहां की तरक्की देश की एकता का परिचायक है.श्रीलंका में कुछ समय पूर्व राजनीतिक उलथपुलथ को लेकर उन्होंने कहा कि अब उनके देश की हालात बेहतर है, और तरक्की में भी आगे बढ़ रहा है।
भारत के प्रधानमंत्री मोदी से खासे प्रभावित युवा ने कहा की भारत का जेनजी समझदार होने के साथ ही मिलनसार भी है,जिसके चलते ही भारत के लोग अन्य देशों में भी सफलतापूर्वक नौकरियां ओर व्यवसाय कर रहे हैं।अपनी यात्रा के दौरान बिहार के लोगों का उल्लासपूर्ण जीवन और उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य से प्रभावित,बौद्ध धर्म से जुड़े ज्ञान संजीवा भारत में प्रसिद्ध बौध स्थलों में शामिल बिहार के बोधगया,उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती में दर्शनों को गए, वहीं उनकी इच्छा हिंदू धर्म के प्रसिद्ध धाम बद्रीनाथ के दर्शन करने की भी प्रबल इच्छा है।
बरसात के बीच पहाडी क्षेत्रों में सफर करने ओर परिवार वालों की चिंता करने की बात पूछने पर उन्होंने बताया की सभी लोग चिंता करते हैं,जिसके लिए परिवार वाले लोकेशन एप्प के माध्यम से उनकी जानकारी लेते रहते हैं। जनपद चमोली के मेहलचौरी पहुंचने पर यहां के युवाओं के व्यवहार से प्रभावित होकर ज्ञान ने रात्री प्रवास कर यहां समय बिताया ओर विभिन्न जानकारीयां भी ली।
