नोएडा में वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर 13 अप्रैल को हिंसा भड़काने के आरोपी को पुलिस ने तमिलनाडु से किया गिरफ्तार।
नोएडा (उत्तरप्रदेश)-19 अप्रैल 2026
नोएडा में वेतन बढ़ोत्तरी को लेकर 13 अप्रैल को हिंसा भड़काने के आरोप में शामिल दूसरे मुख्य साजिशकर्ता इंजीनियर आदित्य आनंद को एसटीएफ और नोएडा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शनिवार को तमिलनाडु के तिरूचापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया।
आदित्य हिंसा के दौरान से ही फरार चल रहा था। उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होने के साथ-साथ एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित हो गया था। वह दिल्ली से तमिलनाडु ट्रेन से गया था। टोपी लगाकर और टी-शर्ट के ऊपर शर्ट पहनकर पहचान छिपाकर पुलिस को चकमा देने का प्रयास कर रहा था और विदेश भागने की फिराक में था, लेकिन सटीक ट्रैकिंग और सर्विलांस से पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस आदित्य को ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा ला रही है। बता दें कि नोएडा पुलिस पहले मुख्य साजिशकर्ता रूपेश राय को जेल भेज चुकी है। नोएडा हिंसा संबंधी 13 मामलों उग्रता करने वाले 70 समेत 1140 को गिरफ्तार कर चुकी है।
बिहार गोपालगंज का रहने वाला और एनआईटी जमशेदपुर से बीटेक पास इंजीनियर आदित्य आनंद 31 मार्च को नोएडा आया था। नोएडा सेक्टर 37 में किराये पर कमरा लिया था। 10 और 11 अप्रैल को नोएडा फेज दो में कई जगह पर रूपेश के साथ श्रमिकों के प्रदर्शन में शामिल हुआ था। आरोप है कि वेतन बढ़ोत्तरी के बाद भी श्रमिकों को भड़काया था।
11 अप्रैल को रूपेश और मनीषा के पकड़े जाने पर वह 12 अप्रैल को नोएडा से दिल्ली भाग गया था। वहां से ट्रेन पकड़कर तमिलनाडु पहुंचा था। वहां पर छिपा हुआ था। शनिवार को तिरूचापल्ली में टावर लोकेशन मिलने पर एसटीएफ और नोएडा पुलिस वहां पहुंची। वहां रेलवे स्टेशन, बस अड्डे पर टीम लग गईं। वह रेलवे स्टेशन पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बताया कि श्रमिक प्रदर्शन की आड़ में हिंसा करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जल्द ही हिंसा में संलिप्त अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।
सूत्रों की मानें तो आदित्य शनिवार को ट्रेन पकड़कर तमिलनाडु से केरल जाने वाला था। वहां से समुद्र के रास्ते विदेश भागने की योजना में था, लेकिन पुलिस ने योजना को नाकाम कर दिया। उसको विदेश भगाने में सहयोग करने वालों का भी पता लगाया जा रहा है। पुलिस जल्द ही आदित्य आनंद और रूपेश राय समेत सभी को रिमांड पर लेकर हिंसा के बारे में पूछताछ करेगी। इनके मोबाइल, चैट आदि से नेटवर्क और देश-विदेश से हो रही फंडिंग का पता लगाएगी।
