बद्रीनाथ धाम चढ़ावा चोरी मामला: जांच को लेकर गढ़वाल आयुक्त के साथ जांच टीम ने धाम पहुंचकर की जांच शुरू।
चमोली:-14 जुलाई 2026
बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच अब तेज हो गई है। शासन द्वारा गठित उच्चस्तरीय जांच समिति के अध्यक्ष एवं गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने शनिवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर पूरे दान प्रबंधन तंत्र का गहन निरीक्षण किया। उनके साथ गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी भी मौजूद रहे।
जांच टीम ने मंदिर परिसर का निरीक्षण करते हुए दान पेटियों से लेकर नकदी की गिनती तक की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से परखा।अधिकारियों ने देखा कि दान पेटियां किस प्रकार सुरक्षित रूप से गिनती कक्ष तक पहुंचाई जाती है? वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं? नकदी गिनने की व्यवस्था कैसी है? गिनती के दौरान कौन-कौन कर्मचारी मौजूद रहते हैं? बैंक अधिकारियों की भूमिका किस प्रकार रहती है? टीम ने गिनती कक्ष में लगे सीसीटीवी सिस्टम की भी जांच की और पुरानी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की समीक्षा की। इसके अलावा मामले में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी जानकारी का भी परीक्षण किया गया। जांच अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह उनका प्रारंभिक निरीक्षण था और अभी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।
जीएमवीएन के प्रबंध निदेशक संदीप तिवारी ने बताया समिति शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करेगी। आवश्यकता पड़ी तो फॉरेंसिक विशेषज्ञों और साइबर सेल की मदद भी ली जाएगी, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष और तकनीकी जांच सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान की राशि में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया था।समिति को पूरे प्रकरण की जांच कर शासन को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. जांच टीम ने करीब ढाई से तीन घंटे तक मंदिर परिसर में रहकर पूरे दान प्रबंधन तंत्र और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की।
बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया जांच टीम सुबह करीब 11 बजे बदरीनाथ धाम पहुंची। इस दौरान अधिकारियों ने दान पेटियों की व्यवस्था, गिनती कक्ष, सीसीटीवी सिस्टम, गर्भगृह से जुड़े निर्धारित प्रोटोकॉल और मंदिर की समूची सुरक्षा एवं संचालन व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया। टीम ने पुराने सीसीटीवी फुटेज भी देखे।दान की राशि के संग्रहण से लेकर गिनती तक की पूरी प्रक्रिया को समझा। सीईओ सोहन सिंह रांगड़ के अनुसार जांच टीम ने हर पहलू का अलग-अलग एंगल से परीक्षण किया। यह जानने का प्रयास किया कि कहीं किसी स्तर पर प्रक्रिया में कोई चूक या अनियमितता तो नहीं हुई। अधिकारियों ने मंदिर की व्यवस्थाओं का भी विस्तृत जायजा लिया।
