शीतकाल के लिए कपाट बंद होने से ठीक पहले हेमकुंड साहिब में भारी बर्फबारी, चांदी की तरह चमकीं वादियां।

शीतकाल के लिए कपाट बंद होने से ठीक पहले हेमकुंड साहिब में भारी बर्फबारी, चांदी की तरह चमकीं वादियां।

चमोली:- 09 अक्टूबर 2026
रिपोर्ट:-पुष्कर सिंह रावत

उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सिखों के प्रसिद्ध और पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में गुरुवार देर रात से ही रुक-रुककर हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण चारों तरफ कुदरत का अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। कपाट बंद होने के ठीक पहले हुई इस बर्फबारी से पूरा गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और आसपास की ऊंची वादियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गई हैं।

बता दें कि,हेमकुंड साहिब धाम के कपाट कल यानी 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए श्रद्धालुओं के लिए बंद किए जाने हैं.कपाट बंदी की ऐतिहासिक और पवित्र प्रक्रिया से ठीक पहले प्रकृति ने धाम का अद्भुत श्रृंगार कर दिया है. जहां एक तरफ इस बर्फबारी ने गुरुद्वारा परिसर के सौंदर्य में चार चांद लगा दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ मौसम के इस कड़े रुख ने व्यवस्थापकों और श्रद्धालुओं के सामने कड़ाके की ठंड की चुनौती भी खड़ी कर दी है. चमोली के निचले इलाकों में लगातार हो रही रिमझिम बारिश और चोटियों पर जारी हिमपात के चलते पूरे क्षेत्र के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

मौसम में आए इस अचानक बदलाव और कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. यात्रा मार्ग पर आवाजाही करने वाले तीर्थयात्रियों को विशेष रूप से सतर्क रहने और अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, रेनकोट व जरूरी दवाइयां रखने की सलाह दी गई है.घांघरिया से हेमकुंड साहिब के बीच खड़ी चढ़ाई वाले रास्तों पर बर्फ के कारण फिसलन बढ़ने की आशंका है.इसके मद्देनजर, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें हर संवेदनशील मोड़ और ग्लेशियर पॉइंट पर मुस्तैद हैं ताकि कपाट बंद होने के अंतिम दिनों में दर्शन करने आ रहे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े.

इस सीजन की इस ताजा बर्फबारी के बाद धाम का नजारा बेहद विहंगम और आकर्षक दिखाई दे रहा है. चारों ओर फैली सफेद बर्फ के बीच जब गुरुद्वारे की मुख्य इमारत और पवित्र सरोवर की झलक दिखती है, तो श्रद्धालुओं की सारी थकान पल भर में दूर हो जाती है. कपाट बंद होने के साक्षी बनने पहुंचे तीर्थयात्री इस अलौकिक नजारे को अपने कैमरों और यादों में कैद कर रहे हैं. ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है और पूरा मार्ग ‘जो बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंज रहा है.

बात करें हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने वाले श्रद्धालुओं की तो कपाट खुलने से अब तक 3 लाख 78 हजार 737 श्रद्धालुओं ने दर्शन कर लिए हैं.

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