विश्वासघात: पिथौरागढ़ में किरायेदार ने बुजुर्ग मकान मालिक को लगाया लाखों का चूना,पुलिस ने 24 घंटे में दबोचा।
बुजुर्ग ने सामान मंगाने के लिए दिया था मोबाइल और PhonePe PIN, आरोपी ने उड़ाए 1.36 लाख रुपये।
बिहार के पश्चिमी चंपारण का रहने वाला है आरोपी, ठगी की रकम पत्नी के खाते और कर्ज चुकाने में की इस्तेमाल।
पिथौरागढ़:-09 अक्टूबर 2026
पहाड़ों की सादगी और लोगों का सहज विश्वास कभी-कभी उनके लिए बड़ा संकट बन जाता है। ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला जनपद के थल थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक किरायेदार ने अपने बुजुर्ग मकान मालिक के भरोसे का कत्ल कर दिया। जिस किरायेदार पर आंख मूंदकर बुजुर्ग अपना मोबाइल और PhonePe का गोपनीय पिन (PIN) सौंप देते थे, उसी ने उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी।
आरोपी ने करीब डेढ़ महीने के भीतर 26 अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर बुजुर्ग के खाते से 1,36,588 रुपये पार कर दिए। बैंक स्टेटमेंट और तकनीकी जांच के आधार पर थल पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
सामान मंगाने के बहाने हासिल किया ‘गोपनीय PIN’
पुलिस के अनुसार, कोटगाड़ी निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग गोविन्द बल्लभ जोशी के मकान में पिछले 6 महीने से एक मजदूर किराये पर रह रहा था। आरोपी की पहचान रुदल महतो (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले का रहने वाला है और यहां टाइल्स लगाने का काम करता था। रोजाना की बातचीत के कारण बुजुर्ग मकान मालिक का उस पर गहरा भरोसा हो गया था। बुजुर्ग अक्सर बाजार से सामान या राशन मंगाने के लिए रुदल को अपना मोबाइल फोन दे देते थे। इसी दौरान उन्होंने लेन-देन के लिए उसे अपने मोबाइल का पासवर्ड और PhonePe का गोपनीय PIN भी बता दिया। शातिर किरायेदार ने इस PIN को याद कर लिया और बुजुर्ग की लापरवाही का फायदा उठाकर उनके खाते से रकम उड़ानी शुरू कर दी।
डेढ़ महीने में किए 26 ट्रांजेक्शन, पत्नी के खाते में भेजे रुपये
आरोपी रुदल महतो ने 20 अगस्त से 6 अक्टूबर 2026 के बीच बुजुर्ग के मोबाइल से बेहद शातिर तरीके से कुल ₹1,36,588 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि,उसने 67,000 रुपये अपनी पत्नी किरन देवी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। 48,000 रुपये का इस्तेमाल उसने अपना पुराना कर्ज चुकाने के लिए किया। बाकी बची रकम को उसने शुभम राय, प्रिया कुमारी और गीता देवी नामक अपने परिचितों व रिश्तेदारों के खातों में भेजा।
पुलिस ने 24 घंटे में किया भंडाफोड़, 7000 रुपये बरामद
बुजुर्ग गोविन्द बल्लभ जोशी को जब खाते से रकम कटने का पता चला, तो उन्होंने 7 अक्टूबर को थल थाने में तहरीर दी। थानाध्यक्ष गणेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस ने तुरंत अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (4) के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस की सर्विलांस और बैंक स्टेटमेंट की तकनीकी जांच की सुई सीधे किरायेदार रुदल पर जाकर रुकी। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और ठगी गई रकम में से 7,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं। शेष ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच की जा रही है।
