तीन तलाक,चाचा के साथ निकाह हलाला के लिए दबाव का आरोप,मुकदमा दर्ज।
हरिद्वार:-25 सितंबर 2026
जनपद के थाना पथरी क्षेत्र में महिला को कथित तौर पर तीन तलाक देने और निकाह हलाला के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि पति शादी के बाद से ही पत्नी के साथ मारपीट और गाली गलौज करता था।महिला के दो बच्चे भी हैं।
शौहर ने बीवी को दिया तीन तलाक
पुलिस के अनुसार,बादशाहपुर पथरी निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी का निकाह 20 जून 2020 को दरगाहपुर, लक्सर निवासी वाजिद पुत्र जाकिर के साथ हुआ था. आरोप है कि निकाह के बाद से ही वाजिद बीवी को परेशान करने लगा। उसके साथ गाली गलौज करने के साथ ही मारपीट भी की जाती थी, दंपती के दो बच्चे हैं।
शौहर के चाचा से निकाह हलाला करने का दबाव बनाने का आरोप
तहरीर के अनुसार, बीती 12 सितंबर 2026 की शाम वाजिद अपनी बीवी और दोनों बच्चों को लेकर उसके मायके पहुंचा।आरोप है कि वहां भी वाजिद ने बीवी के साथ लड़ाई झगड़ा शुरू कर दिया। परिवार के लोगों की मौजूदगी में वाजिद ने बीवी को कथित तौर पर तीन बार तलाक कहा। इसके बाद बीवी को दोबारा ससुराल भेजने के लिए उसके शौहर के चाचा इरशाद से निकाह हलाला कराने का दबाव बनाया गया।
चाचा भतीजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज
महिला के पिता ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर पथरी पुलिस ने वाजिद पुत्र जाकिर और इरशाद पुत्र जमीर, दोनों निवासी दरगाहपुर, लक्सर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जांच कर रही है पुलिस
पथरी थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि,महिला के पिता की तहरीर के आधार पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दंडनीय अपराध है तीन तलाक
उत्तराखंड समेत पूरे देश में तीन तलाक देना एक कानूनी अपराध है।इसके लिए 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। केंद्र सरकार के मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत यह नियम पूरे देश में लागू है. इसके आधार पर उत्तराखंड में भी मामले दर्ज किए जाते हैं और कार्रवाई होती है।
तीन तलाक पीड़िताओं को मुफ्त घर
उत्तराखंड में तीन तलाक और निकाह हलाला के चलते बेघर हुईं महिलाओं को आसरा देने के लिए वक्फ बोर्ड नई पहल करने में जुटा है,उत्तराखंड वक्फ बोर्ड ऐसी महिलाओं को मुफ्त घर मुहैया कराने की प्लानिंग कर रहा है। बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से चर्चा हो चुकी है और इसे जल्द ही बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा।
