गैरसैंण नगर क्षेत्र के रीठिया स्टेट से लेकर गोबरचनों तक धधकी आग,24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने आग पर पाया काबू।

गैरसैंण नगर क्षेत्र के रीठिया स्टेट से लेकर गोबरचनों तक धधकी आग,24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद वनकर्मियों ने आग पर पाया काबू।

गैरसैंण-18 मई 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला.

सरकार और विभाग की लाख कोशिशें के बावजूद जंगलों में लगने वाली आग थमने का नाम नहीं ले रही है ।आग लगने वाले उपद्रवी की हरकतें बताती हैं , की वे जंगलों को जलाने के लिए सही मौके के इंतजार में ही बैठे रहते हैं,जिससे लाखों करोड की अमूल्य वन सम्पदा खाक होने के साथ ही बेजुवान प्राणी
अपनी जान गंवा रहे हैं।

दो दिन पहले ही गैरसैंण क्षेत्र में हुई भारी बारिश व ओलावृष्टि के बावजूद रविवार को ही नगर क्षेत्र के नजदीकी जंगल एक बार फिर धधक उठे । जिसमें वन विभाग की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार दोपहर बाद ही आग पर काबू पाया जा सका । वन विभाग से जुड़े डेढ दर्जन कर्मचारियों ने जान जोखिम में डालकर 2 से 3 किलोमीटर ऊंची पहाड़ियों तक जाकर किसी तरह आग को बुझाया।

रविवार को दोपहर बाद गैरसैंण नगर के नजदीकी धारगैड, सोनियाणा व खत्रियाणा गांवों के वन पंचायतों के जंगलों में आग लगने की सूचना वन विभाग के कर्मचारियों को मिली,जिसके बाद वन क्षेत्राधिकार प्रदीप गौड़ के निर्देशों पर डिप्टी रेंजर अवतार सिंह के नेतृत्व में डेढ दर्जन से ज्यादा कर्मचारीयों को मौके के लिए रवाना किया गया। सोनियाणा व खत्रियाणा से सटे रीठिया स्टेट से लगी आग यहां से 3 किलोमीटर दूर स्यूणी मल्ली के नजदीकी सिविल वन क्षेत्र गोबरचनों के घने जंगलों तक पहुंच गई,जिसको लेकर कर्मचारियों ने पूरी रात आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन ऊंची पहाड़ियों और खतरनाक ढलानों के चलते आग नहीं बुझ पायी। जिसके बाद आज सोमवार को पुनः वनकर्मी खाने पीने का सामान साथ लेकर आग बुझाने निकल पड़े, 18 कर्मचारियों की कड़ी मशक्कत के बाद सोमवार देर शाम तक ही आग बुझाने में सफलता मिली।

आग की घटना को लेकर प्रदीप गौड़ ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है,अब तक जानबूझकर आग लगाए जाने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है,संभवत लापरवाही के कारण आग लगी होगी। उन्होंने ग्रामीणों से खेतों के किनारे जलाए जाने वाली सूखी झाड़ियों को जलाते वक्त सावधानी बरतने की अपील की है।

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