स्टेट जूनियर हाई स्कूल प्री-सेकेंडरी टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गर्जना रैली।

स्टेट जूनियर हाई स्कूल प्री-सेकेंडरी टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले शिक्षकों ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर निकाली गर्जना रैली।

देहरादून:-08 जून 2026

टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की बाध्यता खत्म करने समेत अपनी विभिन्न सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने गर्जना रैली निकालकर सचिवालय कूच किया। इस दौरान पुलिस ने सुभाष रोड पर बैरिकेडिंग लगाकर शिक्षकों को रोक दिया. जिसके बाद शिक्षकों और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई।

चरणबद्ध आंदोलन के अपने पांचवें चरण में सोमवार को राज्य भर से आए शिक्षकों ने राजधानी देहरादून में विशाल गर्जना रैली निकाल कर अपनी मांगों को लेकर शक्ति प्रदर्शन करते हुए सचिवालय कूच किया। लेकिन भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग लगाकर शिक्षकों को आगे बढ़ने से रोक दिया. इस दौरान पुलिस और शिक्षकों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई. रोके जाने से नाराज शिक्षक सड़क में ही धरने पर बैठ गए। जहां एक सभा का आयोजन करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुट होने का आह्वान किया। पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने के लिए पानी की बौछार भी की।

संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा का कहना है कि 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से मुक्त रखने के लिए प्रदेश की विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया जाए और शिक्षकों को टीईटी परीक्षा से छूट प्रदान करने के लिए भारत सरकार से संसद में अध्याय लाकर कानून बनाया जाए, जिससे शिक्षकों की सेवा सुरक्षित हो सके और मानसिक तनाव से मुक्त रखा जाए। उन्होंने कहा कि, जूनियर हाई स्कूल और प्रारंभिक शिक्षक संवर्ग का त्रिस्तरीय पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी कैडर जनपद और मंडल कैडर के साथ विकल्प के आधार पर सेवा शर्तों को जोड़ा जाए और एलटी समायोजन त्रिस्तरीय कैडर के लिए विभाग की ओर से शासन को भेज के ड्राफ्ट में संघ द्वारा संशोधन के लिए दिए गए सुझावों को सम्मिलित करते हुए त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था को शीघ्र लागू किया जाए, या फिर उच्चीकृत जूनियर हाई स्कूल समेत प्रदेश में संचालित सभी जूनियर हाई स्कूलों के छात्र हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानाध्यापक व अंग्रेजी विषय के शिक्षक समेत पांच पदों के साथ अलग इकाई के रूप में संचालित किया जाए. इस दौरान शिक्षकों ने सरकार से पुरानी पेंशन,पदोन्नति और स्थानांतरण समेत 13 सूत्रीय मांगों के पूरा नहीं होने की सूरत में आने वाले समय में आत्मदाह किया जाने की भी चेतावनी दी है।

गर्जना रैली में प्रदेश महामंत्री जगवीर खरोला,वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमेश चौहान,कोषाध्यक्ष मनोज शाह, वरिष्ठ संयुक्त मंत्री सुरेश भट्ट, मिडिया प्रभारी विपिन मेहता,जनपद अध्यक्ष देहरादून सूरज मंन्द्रावल, जनपद अध्यक्ष टिहरी शेर सिंह पंवार, जनपद अध्यक्ष चमोली उपेंद्र सती,अध्य्क्ष अल्मोड़ा पंकज पाण्डेय,अध्यक्ष बागेश्वर रमेश रावत,जनपद अध्यक्ष उत्तरकाशी भगत महर, जनपद अध्यक्ष पौड़ी भगत भंडारी,अध्यक्ष हरिद्वार पवन सैनी, अध्यक्ष रुद्रप्रयाग लखपत लिंगवाल, अध्यक्ष उधमसिंह नगर कुंवर पाल, अध्यक्ष नैनीताल देवेंद्र कुमार, अध्य्क्ष चम्पावत रमेश देव के साथ ही 13 जनपदों के मंत्रियों ने नेतृत्व किया.आंदोलन को अखिल भारतीय शिक्षक संघ,पर्वतीय कर्मचारी संघ,मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी फेडरेशन,अधिकारी कर्मचारी,शिक्षक समन्वयक समिति,लोक निर्माण विभाग संगठन,उत्तराखंड SC, ST, शिक्षक  संगठन का समर्थन दिया।

प्रमुख मांगे⤵️

1. टी. ई. टी अनिवार्यता से मुक्त रखा जाय।

2. त्रिस्तरीय कैडर /जू हा का पृथक संचालन।

3. 17140 वेतनमान की वसूली से से मुक्त रखा जाय।

4. प्रारम्भिक शिक्षकों की तीन पदोन्नति सुनिश्चित की जाय।

5. अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की ब्यवस्था लागू किया जाय।

6. समग्र शिक्षा का डीडीओ  उप शिक्षा अधिकारियो को नियुक्त किया जाय।

7. प्रत्येक जू हा में प्रधानाध्यापक  व अंग्रेजी विषय का पद सृजन क़र 5पद निर्धारित किये जाय।

8. पुरानी पेंशन बहाल की जाय।

9. चयन प्रोन्नत वेतनमान में एक वेतन वृद्धि दी जाय।

10. प्रारम्भिक शिक्षा खेलकूद प्रतियोगिता हेतु धनराशि बढ़ाई जाय।

11. सी.पी.एड. शिक्षकों को एल टी ब्यायाम पदों पर समायोजित किया जाय।

12.5400 ग्रेड वेतन प्राप्त शिक्षकों को बोनस भुगतान किया जाय।

13.  गोल्डन कार्ड के अंतर्गत शिक्षकों को ओपीडी सहित निःशुल्क  चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाय।

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