पौड़ी के एक व्यक्ति पर अपनी ही पत्नी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने का लगा आरोप,अब मुकदमा हुआ दर्ज, जानिए पूरा मामला।
देहरादून:-08 जून 2026
अपनी बहन की मौत के बाद जीजा पर गंभीर बीमारी छिपाने का एक व्यक्ति द्वारा आरोप लगाया गया है। जीजा पर फर्जी रिपोर्ट लगाने का भी आरोप है। व्यक्ति की शिकायत के आधार पर प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बताया जा रहा है कि आरोपी व्यक्ति सरकारी शिक्षक है जो बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत है।
जानकारी के मुताबिक, माजरी माफी निवासी एक व्यक्ति ने प्रेमनगर थाने में एक शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उनका कहना है कि उनकी बहन की शादी वर्ष 2013 में पौड़ी गढ़वाल निवासी व्यक्ति से हुई थी। 14 फरवरी 2026 के दिन तबीयत बिगड़ने पर बहन को गंभीर हालत में देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जांच के दौरान वो एचआईवी (HIV) संक्रमित पाई गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उनके पति और बेटे का भी परीक्षण कराने की सलाह दी। उसके बाद पति अस्पताल से चला गया और जांच नहीं कराई।कुछ दिन बाद उसने व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी एचआईवी जांच रिपोर्ट भेजी, जिसे ग्राफिक एरा अस्पताल धूलकोट की रिपोर्ट बताया गया था, वह रिपोर्ट नेगेटिव थी।
उसके बाद अस्पताल प्रशासन से जानकारी लेने पर पता चला कि रिपोर्ट फर्जी थी। रिपोर्ट पर दर्ज यूएचआईडी (UHID) किसी अन्य महिला मरीज का है और पति के नाम से कोई जांच दर्ज नहीं है, इससे रिपोर्ट के फर्जी होने की आशंका जताई गई। शिकायत में कहा गया है कि पति ने इंद्रेश अस्पताल में भी दोबारा जांच कराने से इनकार कर दिया था। इलाज के दौरान दो मार्च 2026 को विवाहिता की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि मृतका के पति ने अपनी बीमारी को छिपाया,फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और मृतका की सामाजिक छवि को भी नुकसान पहुंचाया।
महिला की मौत के बाद उसके भाई ने बहनोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने अपनी एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी परिवार से छिपाई, जांच कराने से बचता रहा और फर्जी मेडिकल रिपोर्ट दिखाकर खुद को स्वस्थ बताने की कोशिश की। आरोप है कि इसी वजह से महिला भी संक्रमित हुई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में मेडिकल रिकॉर्ड, अस्पतालों से मिले दस्तावेज और कथित फर्जी रिपोर्ट की भी पड़ताल की जाएगी।
