एक महीने पुराने “ब्लाइंड मर्डर” का पुलिस ने किया खुलासा,हत्यारोपी क्षेत्र पंचायत सदस्य को किया गिरफ्तार।
कर्णप्रयाग (चमोली)- 30 अप्रैल 2026
कर्णप्रयाग पुलिस ने एक माह पूर्व अलकनंदा नदी किनारे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को सुलझाते हुए हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार के निर्देशन में गठित एसआईटी और एसओजी टीम की वैज्ञानिक जांच व तकनीकी दक्षता से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है।
पुलिस द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि,विगत 10 मार्च को पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि लंगासू क्षेत्र में चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी के किनारे एक अज्ञात शव पड़ा हुआ है. सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि मृतक के हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे, जिससे मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत हो रहा था। मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “SOORAJ PUROHIT” लिखा हुआ था, किंतु कोई आधिकारिक दस्तावेज न मिलने के कारण पहचान संभव नहीं हो सकी। इस दौरान पुलिस द्वारा मौके पर आसपास के गांवों के स्थानीय व्यक्तियों को भी शव की शिनाख्त हेतु बुलाया गया,लेकिन किसी के भी द्वारा मृतक की पहचान नहीं हो सकी। इस पर पुलिस द्वारा मौके पर ही पंचायतनामा की कार्यवाही संपन्न की गई.साथ ही, मृतक की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से फील्ड यूनिट टीम द्वारा उसके हाथों के फिंगरप्रिंट भी लिए गए. 72 घंटे तक शिनाख्त न होने पर नियमानुसार पोस्टमार्टम कर शव का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस द्वारा बताया गया कि,मृतक के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “SOORAJ PUROHIT” अंकित होना ही जांच की सबसे अहम कड़ी साबित हुई. इसी आधार पर पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाते हुए ‘पुरोहित’ सरनेम वाले गांवों में छानबीन शुरू की.इस दौरान पुलिस को पता चला कि गौचर के सामने स्थित बमोथ गांव में इस नाम का व्यक्ति गांव के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा हुआ है। इसके बाद मोबाइल नंबर के आधार पर सर्विलांस किया गया, जिसमें उसकी अंतिम लोकेशन नन्दप्रयाग क्षेत्र में पाई गई. विभिन्न कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने जांच को आगे बढ़ाया।
हत्याकांड में नया मोड़ तब आया जब 23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों को देखकर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की. परिजनों ने बताया कि सूरज 15 फरवरी के बाद से अचानक लापता हो गया था। 24 मार्च को मृतक सूरज पुरोहित की पत्नी मंजू देवी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली कर्णप्रयाग में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसआईटी (SIT) और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के पुलिस टीम को निर्देश दिए।
पुलिस की जांच के दौरान प्रकाश में आया कि मृतक सूरज पुरोहित नन्दप्रयाग स्थित नन्दाकिनी होटल में ठहरा हुआ था व नरेन्द्र तोपाल के माध्यम से मधुबन ढाबे में कार्य कर रहा था. पूछताछ में नरेन्द्र तोपाल ने प्रारंभ में बताया कि सूरज 15 फरवरी को काम छोड़कर चला गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर जानकारी एकत्र करने पर यह सामने आया कि उसने मृतक से दस हजार रुपये उधार लिए थे।
वहीं,पुलिस टीम द्वारा नन्दप्रयाग क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई। इस दौरान घटना से संबंधित महत्वपूर्ण फुटेज पुलिस को प्राप्त हुई। इन फुटेज में दिनांक 16 फरवरी की रात को नरेन्द्र तोपाल मृतक के शव को एक प्लास्टिक के कट्टे में अपनी अल्टो कार (UK12A 3212) की डिग्गी में रखकर झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाता हुआ दिखाई दिया व कुछ समय बाद वापस लौटकर वाहन धोता हुआ भी नजर आया। साक्ष्यों के आधार पर जब नरेन्द्र तोपाल से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि 16 फरवरी को उसने सूरज पुरोहित की हत्या कर दी और शव के हाथ-पैर बांधकर रात के समय सैकोट मार्ग स्थित झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया। साथ ही, साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से मृतक का मोबाइल फोन एवं अन्य सामान भी नदी में बहा दिया।
हत्या का कारण पूछे जाने पर नरेन्द्र तोपाल ने बताया कि वह एक सामाजिक एवं प्रतिष्ठित व्यक्ति है तथा वर्तमान में क्षेत्र पंचायत सदस्य सरतोली है। उसने माह जनवरी में मृतक सूरज पुरोहित से 10 हजार रुपये उधार लिए थे.उसके अनुसार, सूरज पुरोहित शराब का सेवन करता था और नशे की हालत में उसे सार्वजनिक स्थानों पर अपशब्द कहकर अपमानित करता था तथा उधारी को लेकर बार-बार बेइज्जत करता था.
करीब एक महीने पुराने इस अंधे हत्याकांड का खुलासा करते हुए कर्णप्रयाग पुलिस ने अपनी बेहतरीन कार्यशैली का उदाहरण पेश किया है। वहीं,आरोपी को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं,एफएसएल टीम द्वारा अभियुक्त के वाहन से भी महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित करते हुए आवश्यक नमूने सुरक्षित किए गए हैं, जिन्हें वैज्ञानिक जांच के लिए भेजा गया है।
नाम पता अभियुक्त- नरेन्द्र सिंह तोपाल पुत्र भोला सिंह निवासी ग्राम धारकोट थाना व जिला चमोली उम्र 47 वर्ष।
