NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला: CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की दाखिल ।
दिल्ली:-29 जुलाई 2026
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, साक्ष्य नष्ट करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार तथा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
CBI ने अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया है। वर्तमान में चार्जशीट में नामजद सभी 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने 12 मई 2026 को 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा में अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर CBI ने 12 मई 2026 को एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। एजेंसी ने 72 अधिकारियों और कर्मियों के साथ 8 साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की कई टीमें गठित कीं। महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली सहित कई राज्यों में 92 स्थानों पर छापेमारी की गई, जहां से डिजिटल और संचार उपकरण, दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए गए। जब्त सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण और विश्लेषण किया गया।
CBI ने मामले के पंजीकरण के कुछ ही सप्ताह के भीतर प्रश्नपत्र लीक के स्रोत का पता लगा लिया। जांच में लीक के स्रोत से लेकर लाभार्थी अभ्यर्थियों तक की पूरी श्रृंखला का खुलासा हुआ। इस मामले में पहली गिरफ्तारी 13 मई 2026 को की गई थी। अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और भौतिकी विषयों के 3 विशेषज्ञ भी शामिल हैं। लीक प्रश्नपत्रों की खरीद-फरोख्त और वितरण में शामिल कई बिचौलियों को भी गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े व्यक्तियों को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने इन विशेषज्ञों से कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किए थे।
जांच के दौरान धन के लेन-देन (मनी ट्रेल) का विश्लेषण कर आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता भी फ्रीज किया गया है। CBI को डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट, हस्तलेखन विशेषज्ञों की राय तथा शैक्षणिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। इन रिपोर्टों में परीक्षा से पहले लीक प्रश्नों के प्रसार में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि होने का दावा किया गया है। CBI ने कहा है कि मामले की आगे की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण जारी है तथा इस अपराध में शामिल सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए एजेंसी प्रतिबद्ध है।
