हरिद्वार बाघ शिकार मामले में चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार,एक आरोपी अभी भी फरार।

हरिद्वार बाघ शिकार मामले में चार आरोपियों को किया गया गिरफ्तार,एक आरोपी अभी भी फरार।

हरिद्वार-21 मई 2026

वन विभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत के मामले में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है. मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आशिक पुत्र गामा, जुप्पी पुत्र अल्लू और यूसुफ पुत्र कालू है. आशिक और जुप्पी श्यामपुर स्थित गुज्जर बस्ती के निवासी हैं। यूसुफ गेंदी खाता, गुज्जर बस्ती का निवासी है. इससे पहले आलम उर्फ फ़म्मी नाम के एक आरोपी की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इस मामले में अब तक कुल पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। चौथा आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां अभी फरार है।

बीते सोमवार को श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट में दो साल के बाघों के शव बरामद होने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा। जंगल के कंपार्टमेंट संख्या नौ में रहने वाले वन गुज्जरों पर बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारने का आरोप लगा। जिसमें चार आरोपियों के नाम सामने आए. जिनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है. चौथा आरोपी फरार है। मामले ने तूल पकड़ा तो वन मंत्री सुबोध उनियाल भी बुधवार को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही कहा है कि विभागीय स्तर पर यदि कोई लापरवाही सामने आती है तो, सम्बन्धित अधिकारियों के खिलाफ सीधा निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के निर्देश के बाद हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध की ओर से रेंजर, फॉरेस्टर और फॉरेस्ट गार्ड से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

हरिद्वार वन विभाग की सीमा में जिस स्थान से बाघों के शव मिले थे, वो राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज से सटा हुआ है। यह राजाजी टाइगर रिजर्व का बफर जोन है यहां करीब 41 बाघ और सैकड़ों हाथियों की मूवमेंट रहती है। अति संवेदनशील माने वाले जंगल में बाघों के शव मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

सजनपुर बीट में तैनात वन कर्मियों ने गश्त के दौरान वन गुज्जरों को देखा तो उन्हें शक हो गया। पूछताछ में वन गुज्जरों ने बताया कि उनकी भैंस खो गई है. उसे खोजने निकले हैं। वन कर्मियों को लगा कि इस स्थान पर कभी भैंसे चरने नहीं आती और न ही यहां चारे वाली घास है. तभी जंगल में सर्च अभियान चलाया गया। रविवार शाम को एक बाघ का शव बरामद किया गया. अगले ही दिन दोपहर को वहां से कुछ दूरी पर दो साल की मादा बाघिन का शव भी मिल गया. एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसने बताया बाघिन ने उनकी भैंस का शिकार किया था. इसके बाद उन्होंने उसी भैंस पर जहरीला पदार्थ जो खेतों में डाला जाता है, वो छिड़क दिया। बाघों ने भैंस का मांस खाया. जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद उन्होंने दोनों बाघों के पैर काट दिए. बाघ के खाल, पंजे और अन्य अंग बेचने की तैयारी की जा रही थी. तब तक वन विभाग एक्शन में आ गया।

डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया अभी तक इस मामले में पांच आरोपियों के नाम सामने आए हैं। एक आरोपी को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। आज तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है। अन्य फरार चल रहे आरोपी की गिरफ़्तारी के लिए वन विभाग की टीम लगातार दबिश दे रही हैं।जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा. मामले की गहनता से मामले की जांच जारी है।

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