संदिग्ध अवस्था में मिले मृत व्यक्ति का पोस्टमार्टम के बाद किया गया अंतिम संस्कार,जांच अधिकारी बोले पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच।
एहतियातन डाग स्क्वाड फारेसिंक टीम गोताखोर व फील्ड यूनिट जुटा रही शुरूआती साक्ष्य।
माईथान (गैरसैंण)- 24 मई 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।
कोतवाली गैरसैंण के अंतर्गत खनसर क्षेत्र के देवपुरी गांव में शनिवार को संदिग्ध अवस्था में मिले लापता व्यक्ति का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद परिजनों व ग्रामीणों द्वारा मृतक का अंतिम संस्कार पैतृक घाट पर किया गया। वहीं अब पुलिस संदिग्ध अवस्था में मिले शव के बाद अलग-अलग एंगल से मामले की जांच में जुट गई है।
उल्लेखनीय है की 18 मई की सुबह ग्राम देवपुरी के चनुलीछानी निवासी 40 वर्षीय राजेंद्र सिंह कंडारी रोज की तरह किसी ग्रामीण के मकान निर्माण के काम पर जाने का के लिए घर से निकले थे। लेकिन जब कार्यस्थल पर नहीं पहुंचे तब मकान स्वामी ने परिजनों को फोन पर बताया कि वह वहां नहीं पंहुचे ओर फोन स्विच ऑफ आने की बात बताई,इसके बाद से ही लापता चल रहे राजेंद्र सिंह को ढूढने के लिए पुलिस द्वारा डाग स्क्वाड टीम के साथ लगातार सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
विगत रोज 23 मई शनिवार को राजेंद्र सिंह का शव घर के नजदीकी खनसर नदी पर बने एक तालाब में देखे जाने की सूचना पुलिस को दी गयी। मौके पर पंहुची पुलिस को शव के दोनों पैर व एक हाथ बंधी हुई स्थिति में पाया गया,मामले में ग्रामीणों द्वारा हत्या की आशंका जताए जाने को लेकर पुलिस अब अलग-अलग एंगल से मामले की जांच कर रही है।
इस मामले को लेकर गैरसैंण के कोतवाल इंस्पेक्टर मनोज सिरोला ने बताया की मामले की पेचीदगी को देखते हुए अभी गोचर से डॉग स्क्वायड की टीम को क्षेत्र में सक्रिय किया गया है, साथ ही श्रीनगर से फॉरेंसिक जांच वाली टीम भी मौके पर लगाई गई है। रविवार को गौताखोरों की एक टीम ने शव के पाए जाने वाले नदी के तालाब में साक्ष्य जुटाने की कोशिश की।जिला मुख्यालय से आई हुई फील्ड यूनिट भी लगातार जांच में जुटी है.उन्होंने कहा कि मामले में ग्रामीण व परिजनों द्वारा हत्या की आशंका को लेकर पुलिस विभाग हर दृष्टि से जांच कर रही है मामले में शुरूआती तौर पर की जाने वाली जांच में कोई भी कसर नहीं छोडी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले की सही स्थिति का पता लगेगा जिसके आधार पर जांच आगे बढायी जाएगी।
वहीं मामले को लेकर प्रधान किरन देवी, क्षेत्र पंचायत सदस्य महिपाल सिंह कंडारी,जिला पंचायत सदस्य अनीता रावत व हरेंद्र कंडारी ने कहा कि 15 दिनों के भीतर मामले का खुलासा न होने पर ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसी जघन्य घटना होने से जहां क्षेत्र की बदनामी हो रही है वहीं ऐसा माहौल किसी के लिए भी सुरक्षित नहीं है।
