सतपुली-पौड़ी मार्ग पर बड़ा हादसा टला,यात्री वाहन पर गिरा मलबा, बाल-बाल बचे 6 लोग।
पौड़ी गढ़वाल:-02 जुलाई 2026
उत्तराखंड में बारिश ने अपना तांडव दिखाना शुरू कर दिया है. जहां ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में नदियां ऊफान पर बह रही हैं, तो कई जगहों पर पहाड़ी से बोल्डर, पत्थर और मलबा भी गिर रहा है. जिससे आवाजाही जोखिम भरा हो गया है. इसी कड़ी में पौड़ी में भी एक बड़ा हादसा होते-होते टला है। जहां सतपुली-पौड़ी मार्ग पर एक कार पर अचानक मलबा आ गिरा। गनीमत रही कि कार सवारों 6 लोगों की जान बच गई. जिन्हें एसडीआरएफ के जवानों ने रेस्क्यू कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, पौड़ी के थलीसैंण से एक परिवार कार संख्या (UK 12 TA 1967) पर सवार होकर दिल्ली जा रहा था। तभी सतपुली-पौड़ी मोटर मार्ग पर अचानक पहाड़ी से कार पर मलबा और पत्थर आ गिरे, जिससे कार सवारों में चीख पुकार मच गई. पत्थरों से कार के शीशे टूट गए तो पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि, अंदर सवार लोग मामूली रूप से जख्मी हो गए।बताया जा रहा है कि कार में एक ही परिवार के सदस्य सवार थे,जो थैलीसैंण से दिल्ली जा रहे थे। इनमें संपत्ति देवी (उम्र 68 वर्ष), दिलबर सिंह (उम्र 46 वर्ष), ओजस नेगी (उम्र 8 वर्ष) प्रशांत नेगी (उम्र 13 वर्ष), करिश्मा नेगी (उम्र 36 वर्ष) और वाहन चालक शामिल थे. जो हादसे में बाल-बाल बच गए. वहीं, हादसे की सूचना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सतपुली से सब इंस्पेक्टर सावर सिंह के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जहां स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर वाहन में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रेस्क्यू के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका चुनौती बनी रही, लेकिन एसडीआरएफ की टीम ने पूरी सतर्कता एवं दक्षता के साथ राहत एवं बचाव कार्य को अंजाम दिया।
वहीं, एसडीआरएफ सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने प्रदेशवासियों एवं यात्रियों से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में ज्यादातर क्षेत्रों में लगातार बारिश एवं भूस्खलन की घटनाओं की संभावना बनी हुई है। ऐसे मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। यात्रा के दौरान मौसम विभाग एवं प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें. संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन,पुलिस या एसडीआरएफ को सूचना दें।
