‘अब मैं जिंदा रहने की जंग लड़ रहा हूं’, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भावुक संदेश, मां की सीख को किया याद।
उत्तराखंड़:-06 अगस्त 2026
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपनी खराब सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा किया है। इन दिनों स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण दिल्ली स्थित अपने आवास पर उपचार और स्वास्थ्य लाभ ले रहे हरीश रावत ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत से लेकर मौजूदा संघर्ष तक का जिक्र करते हुए लिखा कि आज वह जिंदगी की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं।
अपने सोशल मीडिया संदेश में हरीश रावत ने बताया कि कठिन स्वास्थ्य परिस्थितियों के बीच उन्हें अपनी मां के वे शब्द बार-बार याद आ रहे हैं, जिन्होंने जीवनभर संघर्ष करने की प्रेरणा दी। उन्होंने लिखा कि उनकी मां हमेशा कहती थीं— “लड़ना, डटकर लड़ना।” आज भी वही शब्द उन्हें मानसिक शक्ति और आगे बढ़ने का साहस दे रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी राजनीतिक यात्रा के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि ब्लॉक प्रमुख का चुनाव उनके जीवन का पहला बड़ा राजनीतिक पड़ाव बना। उन्होंने कहा कि दोस्तों और चाचा के कहने पर उनका नामांकन दाखिल कराया गया, जबकि उस समय उन्होंने स्वयं राजनीति में आने की गंभीरता से कभी नहीं सोचा था।नामांकन के दौरान आर्थिक तंगी सामने आई तो उनकी मां ने अपनी धोती की गांठ में रखे 27 रुपये निकालकर उन्हें दिए और कहा कि पैसों की चिंता मत करना, जरूरत पड़ी तो जमीन भी बेच देंगे, लेकिन संघर्ष से पीछे नहीं हटना।हरीश रावत ने बताया कि उस चुनाव में उनका केवल दो रुपये खर्च हुआ और वह चुनाव जीत गए। यही जीत उनके सार्वजनिक जीवन की नई शुरुआत बनी।
अपने संदेश में हरीश रावत ने स्वीकार किया कि इस समय उनका स्वास्थ्य पहले की तुलना में काफी अधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने लिखा कि शारीरिक परेशानियों के कारण वह सक्रिय राजनीति और जनता के बीच पहले की तरह नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि—
“आगे भी खूब लड़ा, अब भी लड़ ही रहा हूं… हां, अब मैं जिंदा रहने की जंग लड़ रहा हूं।” यह पंक्ति उनके मौजूदा स्वास्थ्य संघर्ष और मानसिक दृढ़ता दोनों को दर्शाती है।
हरीश रावत ने अपने संदेश में शुभचिंतकों, समर्थकों और मित्रों का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही शुभकामनाओं और दुआओं से उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि वह जल्द स्वस्थ होकर फिर से लोगों के बीच लौटेंगे और पहले की तरह जनसेवा के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री की भावुक पोस्ट सामने आने के बाद उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। राजनीतिक जीवन में संघर्षशील नेता की छवि रखने वाले हरीश रावत ने इस कठिन दौर में भी हार न मानने का संदेश देते हुए साफ किया कि परिस्थितियां चाहे जितनी कठिन हों, संघर्ष ही उनका सबसे बड़ा संबल रहा है और आगे भी रहेगा।
