राज्यसभा संसद में गूंजा हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण यज्ञ का मुद्दा, बीजेपी ने कहा इसकी कराई जाएगी जांच।
दिल्ली:-13 अगस्त 2026
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इस जनसभा के बाद अब एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, 11 अगस्त को श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन ने कांग्रेस की जनसभा के बाद उस मंच का शुद्धिकरण किया जहां से खड़गे ने अपना भाषण दिया था। ऐसे में अब यह मुद्दा सिर्फ उत्तराखंड का ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बन गया है। राज्यसभा संसद के सदन की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में इस विषय को उठाया। साथ ही अनटचेबिलिटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, उत्तराखंड राज्य में आगामी साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं जिसके मद्देनजर राजनीतिक पार्टियों के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का उत्तराखंड दौरा जारी है। इसी क्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे में 8 अगस्त को हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था। इस कार्यक्रम के संपन्न होने के बाद श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन के कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ मंच के शुद्धिकरण को लेकर यज्ञ किया बल्कि इस बात को भी कहा कि रामलीला मैदान सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए है ऐसे में इस मंच को किसी भी राजनीतिक पार्टी को नहीं दिया जाना चाहिए। जबकि ऐसी भी जानकारी मिल रही है कि श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन के शुद्धिकरण यज्ञ में कई अनुसूचित चेहरे की शामिल थे।
मंच के शुद्धिकरण को लेकर किए गए यज्ञ का मामला सामने आने के बाद ही प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भाजपा पर तंज करते हुए इस बात को कहा कि भाजपा की सोच आज यही तक रह गई है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष दलित है और वो मंच पर आए, इसलिए मंच का शुद्धिकरण होना चाहिए। जिसकी वो कड़ी निंदा करते है साथ ही अपने कार्यकर्ताओं का आवाह्न किया है कि इसका कड़ा विरोध किए जाए। जबकि भाजपा इस बात को कह रही है कि जिन लोगों ने मंच का शुद्धिकरण किया है उन लोगों से उनका कोई लेना देना नहीं है। बावजूद इसके कांग्रेस सिर्फ बीजेपी का नाम लेकर इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है।
राज्यसभा संसद की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बड़े दुख के साथ ये कहना पड़ रहा है कि वह 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में जनसभा का आयोजन किया गया था। जिस दौरान उन्होंने लाखों की संख्या में मौजूद जनता को संबोधित किया। उस दौरान उन्होंने किसी भी समाज किसी धर्म का नाम नहीं लिया बल्कि सिर्फ उन्होंने लोगों की समस्याओं को वहां पर बताया। लेकिन कार्यक्रम संपन्न होने के बाद 11 अगस्त को वो लोग और बीजेपी के लोग मिलकर हवन करके उस मंच का शुद्धिकरण करने का काम किया।
कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से सदन में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने जिस बात को कहा है वो बेहद दुखदाई है। ये सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं बल्कि हम सभी के लिए दुखदाई है। खड़गे ने इस बात को कहा है कि बीजेपी की लोग थे लेकिन भाजपा इस तरह के कृति को कभी नहीं अपनाती है। ऐसे में खड़गे ने जो कहा है उसका भाजपा तहकीकात करेगी। इस बात को कहना चाहते हैं कि भाजपा इस तरह के कामों को कभी भी नहीं अपनाती है, जिसकी वो निंदा करते हैं और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस पूरे मामले को देखेंगे। लेकिन इस पूरे घटना से खड़गे की भावना को जो ठेस पहुंची है वो हम सबके लिए खेद का विषय है।
नेता सदन जेपी नड्डा की ओर से दिए गए जवाब के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में कहा कि वो इसको कभी भी राजनीतिक मुद्दा बनाना नहीं चाहते हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी इस बात को नहीं कहा कि वो दलित हैं उनकी मदद करो, उनकी रक्षा करो ऐसा बोलकर किसी के सामने नहीं गिड़गिड़ाया है। मेरे में लड़ने की शक्ति है और में लड़ता हूं, लेकिन तुम अनटचेबिलिटी कहके मंच का शुद्धिकरण करके अपमान करते हो। ऐसे में मेरी माँग है कि हल्द्वानी में जिन लोगों ने मंच का शुद्धिकरण किया, उन पर Untouchability Act के तहत केस दर्ज हो और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।
