बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर ग्रामीणों ने निकाली महारैली।
लालकुआं (नैनीताल):-27 सितंबर 2026
लालकुआं बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की वर्षों पुरानी मांग रविवार को एक बार फिर सड़क पर उतर आई। वनाधिकार संगठन के आह्वान पर बिंदुखत्ता के हजारों ग्रामीण विशाल रैली के रूप में लालकुआं पहुंचे। जनता इंटर कॉलेज, जड़ सेक्टर से शुरू हुई रैली लालकुआं बाजार से होते हुए तहसील परिसर पहुंची, जहां ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाईं। संगठन के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे से ग्रामीण रैली में शामिल होने को जड़ सेक्टर में एकत्रित होने लग गए थे,जो हजारों के पार पहुंच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के पहुंचने से लालकुआं की सड़कों पर भीड़ नजर आई।
राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी करने की मांग।
ग्रामीणों ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की अधिसूचना जारी करने के साथ गौला नदी के किनारे स्थायी तटबंध निर्माण की मांग भी उठाई। तहसील परिसर में धरने के दौरान आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन से वर्षों से लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि बिंदुखत्ता के 32 गांवों के 11,703 दावेदारों की ओर से वनाधिकार कानून-2006 की धारा 3(1)(ज) के तहत प्रस्तुत सामुदायिक दावे को 19 जून 2024 को जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने सर्वसम्मति से पारित किया था। इसके बाद राजस्व ग्राम की अधिसूचना और बंदोबस्ती की प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया, लेकिन अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
15 अगस्त से चल रही पदयात्रा।
संगठन के अनुसार, राजस्व ग्राम की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देते रहे हैं। इसी क्रम में 15 अगस्त से गांव-गांव पदयात्रा और जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। रविवार की रैली को इसी आंदोलन की अगली कड़ी बताया गया। आदोलनकारियों का कहना है कि वर्षों से आश्वासन और प्रस्तावों के बावजूद अंतिम अधिसूचना का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक राजस्व ग्राम की अधिसूचना जारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
कैबिनेट मंत्री ने कराई मुख्यमंत्री से फोन पर बात दिया आश्वासन।
इधर धरना स्थल पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री रामसिंह कैड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया है कि बिन्दुखत्ता के लोग उनके परिवार के हिस्सा है और सरकार समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी खत्तो में रहने वाले भी सरकार के परिवार की तरह है। मंत्री कैड़ा के मुताबिक मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक में बिन्दुखत्ता का मामला रखने की बात कही हैं। ताकि कैबिनेट स्तर पर इस समस्या का समाधान निकाला जा सकें। सरकार चाहती है कि आन्दोलन के बजाय बातचीत के माध्यम से समस्या का हल निकला जाएगा। उन्होंने बताया कि बिन्दुखत्ता के डेलिगेशन से मुख्यमंत्री की फोन पर बातचीत भी कराई हैं । जिसमें मुख्यमंत्री का कहना हैं कि बिन्दुखत्ता अब एक गाँव का रूप ले चुका है और यहाँ तीन पीढ़ियों से लोग रह रहे हैं। ऐसे में चौथी पीढ़ी को भी इसी समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए समाधान निकालना जरूरी है।
5 अक्टूबर से होगा अमरण अनशन
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को 5 अक्टूबर तक समय दिया है अगर 5 अक्टूबर तक बिन्दुखत्ता को दर्जा नही मिला तो 5 अक्टूबर से अमरण अनशन शुरू किया जाएगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
