मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में बडी मात्रा में भूमि खरीद फरोख्त के बाद अब धोखाधड़ी का मामला।
ग्रामीण ने लगाया धोखाधडी से पैतृक जमीन बेचने का आरोप।
खरीद फरोख्त मामले में बनी कमेटी एक माह बाद भी नहीं दे पायी जांच रिपोर्ट।
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)- 12 जुलाई 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर से सटे मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में पहले बड़ी मात्रा में भूमि बिक्री के विवाद के बाद अब धोखाधड़ी का मामला भी जुड़ता नजर आ रहा है। मामले को लेकर एक ग्रामीण ने धोखे से अपनी भूमि बेचे जाने की बात कहते हुए जल्द शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की बात कही है।
उल्लेखनीय की विगत जून माह की शुरुआत में मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम सारकोट में 35 नाली भूमि बेचे जाने का मामला प्रकाश में आने के बाद जहां स्थानीय लोगों ने बड़ी मात्रा में भूमि की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद बिक्री की गई भूमि की वैधानिक जांच के लिए जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार द्वारा अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश के नेतृत्व में जांच टीम का भी गठन किया गया था। लेकिन एक माह बीतने के बावजूद अब तक कोई रिपोर्ट ही तैयार नहीं हुई है,वहीं अब एक ग्रामीण ने बेची गई 35 नाली भूमि में धोखे से उसकी जमीन भी बेचे जाने की जानकारी देते हुए जल्द शिकायत दर्ज करवाने की बात कही है।
मामले में सारकोट निवासी मदन सिंह पुत्र मकड सिंह ने कहा कि उनके पिता मकड सिंह पुत्र आलम सिंह के नाम पर खाता संख्या 93 व खसरा नंबर 663 में 0.0150 हेक्टर पैतृक भूमि दर्ज है, जिसे गांव के ही दूसरे व्यक्ति द्वारा धोखे से बेच दिया गया है। जिसको लेकर उन्होंने कहा कि उनके पैतृक भूमि बेचे जाने पर वह तहसीलदार कार्यालय गैरसैंण में जल्द ही आपत्ति दर्ज कर अवैध तरीके से बेची गई जमीन का दाखावाद को खारिज करने की मांग के साथ ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की भी मांग करेंगे।
मामले में जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच को लेकर कमेटी के अध्यक्ष अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने कहा कि अभी जांच चल रही है,अंतिम तथ्य गैरसैंण तहसील से प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी,जिसके बाद ही भूमि की क्रय-विक्रय को लेकर स्थिति साफ होगी।
