बद्रीनाथ चढ़ावा चोरी मामला: 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज कैसे हुई डिलीट? जांच में बड़ा खुलासा।
चमोली:-13 जुलाई 2026
बदरीनाथ धाम में दान-चढ़ावा हेराफेरी प्रकरण की विभागीय जांच पूरी होने के बाद सबसे अहम सवाल यही उठ रहा कि मंदिर से 32 दिन की सीसीटीवी फुटेज कैसे डिलीट हुई.जबकि, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से दावा किया गया था कि 45 दिन की फुटेज उसके पास सुरक्षित है।
विभागीय टीम को जांच के दौरान सिर्फ 13 दिन की फुटेज ही मिल पाई। इससे अन्य अधिकारी-कर्मचारी भी संदेह के दायरे में हैं.हालांकि, इसे लेकर बीकेटीसी के अधिकारी अब स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञों से भी सलाह-मशविरा कर रहे हैं। दान-चढ़ावे की गणना के दौरान 500-500 रुपये के नोटों के बंडल और सोने-चांदी के उपहार मंदिर से बाहर ले जाने की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज की जांच में हुई है।
फुटेज में आरोपित वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पांच दिन में आठ बार दान-चढ़ावे में हेराफेरी करता दिख रहा है,लेकिन, बड़ा सवाल यही है कि समिति के पास 45 दिन की फुटेज सुरक्षित होने के दावे के बावजूद जांच टीम को सिर्फ 13 दिन की फुटेज ही क्यों उपलब्ध कराई गई।शेष 32 दिन की फुटेज में ऐसा क्या था,जो उसे गायब कर दिया गया। चर्चा तो यह भी है कि अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को मामले में फंसते देख जान-बूझकर यह रिकार्ड मिटा दिया गया.हालांकि,यह मामला उछलने के बाद अब मंदिर समिति के अधिकारी सतर्क हो गए हैं और डीवीआर रिकवर करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञ इंजीनियरों से संपर्क साधा गया है.बताया जा रहा कि इंजीनियरों ने इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां अधिकारियों को दी हैं। सूत्रों के अनुसार अगर फुटेज हटाने की बात जांच में आती है तो मामले में कई और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
कार्मिकों के साथ एक दर्जन अन्य लोग भी जांच के दायरे में
एसआइटी ने रविवार को मंदिर से जुड़े और गणना के दौरान मौजूद अधिकारी-कर्मचारी चिह्नित किए हैं। इसके अलावा लगभग एक दर्जन अन्य लोग भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें श्रद्धालु व साधु-संत भी हैं।बताया गया कि मंदिर समिति ने एसआइटी की ओर से मांगे गए दस्तावेज भी उसे उपलब्ध करा दिए हैं। उनका अध्ययन किया जा रहा है।एसआइटी घटना के बाद आरोपित प्रमोद नौटियाल की गतिविधियों को लेकर भी जानकारी जुटा चुकी है। उसके बदरीनाथ स्थित आवास पर भी नजर रखी जा रही है।
