लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज के विधानसभा क्षेत्र में पुल न होने से स्कूली बच्चे उफनती नदी पार करने को मजबूर,एक साल पहले टूटा था पुल
पौड़ी गढ़वाल:-11 अगस्त 2026
चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान एक साल पहले बहा पुल अब तक नहीं बन पाया है। पुल के अभाव में स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर पानी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। बरसात के दौरान बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। पानी के रास्ते होकर विद्यालय जाने पर बच्चों को करीब 3 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है,जबकि घने जंगल के रास्ते से जाने पर यह दूरी बढ़कर करीब 5 किलोमीटर हो जाती है। जंगल के रास्ते में जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।
चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के गवाणी गांव में ड्वीला मल्ला, ड्वीला तल्ला, देगला, तिमलपट समेत आसपास के गांवों को जोड़ने वाला पुल अगस्त 2025 में भारी बारिश के दौरान बह गया था. पुल बहने के एक साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है. सबसे ज्यादा दिक्कतें स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें जान जोखिम में डालकर उफनती मछलाड नदी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासीयों का कहना है कि,गवाणी में पुल के बहने के बाद से ही ग्रामीण लगातार सरकार और संबंधित विभाग से नए पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पुल नहीं होने के कारण बच्चों के सामने विद्यालय पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है।बच्चों के पास विद्यालय जाने के लिए दो ही रास्ते हैं। एक ओर उन्हें उफनती नदी को पार करके स्कूल जाना पड़ता है, जबकि दूसरा रास्ता घने जंगल से होकर गुजरता है. जंगल के रास्ते की दूरी करीब पांच किलोमीटर तक बढ़ जाती है और क्षेत्र में जंगली जानवरों और गुलदार का खतरा भी बना रहता है।नौनिहाल अपनी जान हथेली पर रखकर विद्यालय जाने को मजबूर हैं। मछलाड नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। क्षेत्रीय विधायक एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री सतपाल महाराज को ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को देखते हुए गवाणी में पुल का निर्माण जल्द शुरू करना चाहिए।
जिलाधिकारी पौड़ी गढ़वाल स्वाति एस भदौरिया ने बताया कि,भारी बारिश के कारण जिन स्थानों पर नुकसान हो रहा है, वहां क्षति की भरपाई के लिए कार्रवाई की जा रही है। पुल और रास्ते क्षतिग्रस्त होने वाले स्थानों की रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धनराशि स्वीकृत की जा रही है।
