नदी में आए उफान से पत्थरकट्टा की 50 मीटर सड़क बही,लोनिवि ओर पीएमजीएसवाई के फेर में फंसी कंडारीखोड की सड़क।

नदी में आए उफान से पत्थरकट्टा की 50 मीटर सड़क बही,लोनिवि ओर पीएमजीएसवाई के फेर में फंसी कंडारीखोड की सड़क।

20 साल बाद भी भूस्खलन क्षेत्र का उपचार नहीं।

मेहलचौरी (गैरसैंण)- 14 अगस्त 2026
रिपोर्ट- प्रेम संगेला

विकासखंड गैरसैंण के अंतर्गत माईथान क्षेत्र में गुरूवार रात हुई मुसलाधार बारिश के चलते नैल -पत्थरकट्टा सड़क मार्ग नदी के बहाव की चपेट में आने से लगभग 50 मीटर हिस्सा बह गया है,जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप्प हो गया है। वहीं क्षेत्र की कंडारीखोड सड़क मार्ग पर भी भारी मात्रा मे मलवा आने से आवागमन ठप्प रहा। जिसे दोपहर 2 बजे बाद यातायात के लिए खोला जा सका।

माईथान बाजार से 8 किलोमीटर आगे बीएमबी मोटर मार्ग से नैल,देवपुरी व पत्थरकट्टा समेत आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली 10 किलोमीटर लंबी सड़क पत्थरकट्टा गांव के समीप किलोमीटर 7 पर गुरूवार रात हुई भारी बारिश के चलते नदी में आए उफान से सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा बह गया,जिससे आवागमन पूरी तरह से ठप्प हो गया। सडकें बंद होने की सूचना के बाद पीएमजीएसवाई द्वारा जेसीबी मशीन कंडारीखोड भेजी गई, जहां बंद सड़क दोपहर बाद खुल सकी। जिसके बाद जेसीबी को पत्थरकट्टा भेजा गया,जहां सड़क का लगभग 50 मीटर हिस्सा बहने के बाद अब सड़क को चट्टान की तरफ अतिरिक्त काटकर आवागमन शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

ग्रामीण देवेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि सड़क कई जगह क्षतिग्रस्त हुई है,वहीं ब्रिज एंड रूप कंपनी द्वारा बनाये गये पुल तक पहुंच मार्ग न बनने से आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।

बच्छुवाबाण की जिला पंचायत सदस्य अनीता रावत ने कहा की कंडारीखोड की सड़क पर लगातार चार मोडों के साथ ही तीव्र ढलान आवागमन के लिए खतरनाक बने हुए हैं।वहीं लगातार मोड वाला क्षेत्र भूस्खलन से भी प्रभावित है,जिसको लेकर लंबे समय से उपचार की मांग की जा रही है।

उल्लेखनीय है की शुरूआत में सड़क का निर्माण लोनिवि द्वारा वर्ष 2006 में शुरू किया गया था,तब सडक की निर्माण संबंधी ग्रामीणों की शिकायत के बाद 2017 में पीएमजीएसवाई को हस्तानतरित की गयी,लेकिन सडक की वहीं पुरानी समस्याओं के बरकरार रहने के बावजूद सडक एक बार फिर सडक लोनिवि के सुपुर्द की जा रही है,जिससे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में खासा रोष दिखायी दे रहा है।

मामले को लेकर कनिष्ठ अभियंता मुकेश रावत ने कहा कि पीएमजीएसवाई द्वारा सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण होने के बाद रखरखाव के 7 वर्ष की समयावधि पूर्ण हो चुकी है। इसको लेकर सड़क को लोक निर्माण विभाग को हस्थानांतरित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सड़क के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के उपचार के लिए पूर्व में सवा करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था,जिसकी स्वीकृत नहीं मिल पायी है,जिसके कारण उपचार कार्य नहीं हो पाया।

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