लक्सर महिला हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा पाए तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत,बरी करने का दिया आदेश।
नैनीताल-11 अप्रैल 2026
हरिद्वार जिले के लक्सर में एक महिला की हत्या के जुर्म में अपर सत्र न्यायाधीश लक्सर की अदालत से आजीवन कारावास की सजा पाए तीन आरोपियों को नैनीताल हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। तीनों की अपील पर न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में यह सुनवाई हुई। जिसके बाद खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
➡️क्या था मामला?⤵️
दरअसल, हरिद्वार जिले के लक्सर कोतवाली क्षेत्र में साल 2008 में एक महिला की हत्या हुई थी। इस मामले में निचली अदालत ने दिसंबर 2014 में नरेंद्र, पप्पू गुज्जर और प्रवीण बाल्मीकि को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई थी। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 307, 120बी और 504 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। अदालत ने कहा कि मामले में पेश किए गए गवाहों के बयान आपस में विरोधाभासी हैं और जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां रही हैं। विशेष रूप से पहचान परेड न कराना एवं इलेक्ट्रॉनिक सबूत पेश न करना जांच को कमजोर बनाता है। अदालत ने ये भी पाया कि प्रवीण बाल्मीकि को हथियार अधिनियम के तहत दोषी ठहराने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, जो एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया संबंधी त्रुटि रही। इन सभी तथ्यों को देखते हुए हाईकोर्ट ने नरेंद्र, पप्पू गुज्जर और प्रवीण बाल्मीकि को सभी आरोपों से बरी कर दिया. साथ ही राज्य सरकार की ओर से इसी मामले में बरी किए गए सुशील के खिलाफ दायर अपील को भी खारिज कर दिया है।हाईकोर्ट ने प्रवीण बाल्मीकि की तत्काल रिहाई के भी आदेश दिए हैं। जबकि, नरेंद्र और पप्पू गुज्जर पहले से ही जमानत पर रिहा हैं। ऐसे में महिला की हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास की सजा पाए तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
