20 हजार की रिश्वत लेते धरा गया जेई, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी पर भी होगी कानूनी कार्रवाई।
जसपुर (ऊधमसिंह नगर):-29 जून 2026
काशीपुर के कुंडा क्षेत्र में विजिलेंस की टीम ने जसपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से मौके पर हंडकंप मचा रहा। वहीं, मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दरअसल, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी की टीम ने सोमवार यानी आज 29 जून को बड़ी कार्रवाई की है। जिसके तहत विजिलेंस की टीम ने जसपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोचा। यह कार्रवाई काशीपुर के कुंडा क्षेत्र में सतर्कता विभाग की ट्रैप टीम ने की। सतर्कता अधिष्ठान के मुताबिक, एक पंजीकृत ठेकेदार ने टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जसपुर ब्लॉक में वाटर कूलर लगाने का काम पूरा होने के बावजूद भुगतान जारी करने के लिए कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार की ओर से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी जा रही है। जबकि, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर भी इसी काम के भुगतान के एवज में 12 हजार रुपए की डिमांड कर रहे हैं।
इस शिकायत के बाद सतर्कता अधिष्ठान ने मामले का गोपनीय जांच करवाई। जांच में शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाई गई। जिसके बाद पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी के निर्देशन में निरीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। टीम ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा। जैसे ही जेई विवेक कुमार ने 20 हजार रुपए की रिश्वत ली, वैसे ही सतर्कता टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
सतर्कता अधिष्ठान यानी विजिलेंस के अधिकारियों की मानें तो इस मामले में दूसरे आरोपी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सतर्कता विभाग ने कहा कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है या फिर भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो उसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
