हल्द्वानी के निजी अस्पताल पर मेडिकल नेग्लिजेंस का मुकदमा, कोर्ट के आदेश पर एफआईआर।
हल्द्वानी-11 जुलाई 2026
हल्द्वानी में किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत के मामले में आखिरकार न्यायालय के आदेश पर हल्द्वानी के एक निजी अस्पताल और चिकित्सकों के खिलाफ मेडिकल नेग्लिजेंस का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। परिजनों के लगातार प्रयासों और कई महीनों तक कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला अदालत पहुंचा, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किशनपुर घुड़दौड़ा निवासी भरत मोहन सिंह ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी की अदालत में प्रार्थना पत्र दायर कर आरोप लगाया कि उनके बड़े भाई ललित मोहन सिंह की सितंबर 2025 में किडनी स्टोन के ऑपरेशन के दौरान चिकित्सीय लापरवाही के कारण मौत हो गई। शिकायत के अनुसार डॉ. बृजमोहन जोशी ने ऑपरेशन को सामान्य प्रक्रिया बताया था और 24 सितंबर 2025 को मुखानी रोड स्थित द प्राइड हॉस्पिटल में ऑपरेशन किया गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल ने पहले मरीज की स्थिति सामान्य बताई, लेकिन देर शाम अचानक सांस लेने में दिक्कत होने की बात कहकर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.परिजनों का कहना है कि मौत के कारणों को लेकर अस्पताल की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कोतवाली हल्द्वानी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। याचिका में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय तथ्यों में भी विरोधाभास होने का दावा करते हुए डॉक्टर और अस्पताल के अन्य चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि न्यायालय के आदेश और भरत मोहन सिंह की तहरीर के आधार पर हल्द्वानी स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सकों के खिलाफ मेडिकल नेग्लिजेंस सहित सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले ने निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान जवाबदेही और चिकित्सकीय लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
