बाजपुर सिविल कोर्ट में तैनात नायब नाजिर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार।

बाजपुर सिविल कोर्ट में तैनात नायब नाजिर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार।

बाजपुर (ऊधमसिंह नगर):-16 जुलाई 2026

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में ऊधम सिंह नगर के बाजपुर सिविल कोर्ट (जूनियर डिवीजन) में तैनात नायब नाजिर ओम चौहान को कोर्ट फीस के नाम पर 3,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस की ट्रैप टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कोर्ट फीस के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत

विजिलेंस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खिलाफ एनआई एक्ट के तहत सिविल कोर्ट बाजपुर में एक मामला विचाराधीन था।

दोनों पक्षों के बीच समझौता (राजीनामा) हो चुका था और जब वह राजीनामा दाखिल कराने कोर्ट पहुंचा तो वहां तैनात नायब नाजिर ओम चौहान ने कोर्ट फीस के नाम पर 3,500 रुपये की रिश्वत की मांग की।शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था और उसने भ्रष्ट कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए विजिलेंस से संपर्क किया।

विजिलेंस ने बिछाया जाल, रिश्वत लेते ही दबोचा

शिकायत की प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के अनुसार 16 जुलाई 2026 को विजिलेंस टीम ने बाजपुर स्थित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) न्यायालय कार्यालय में कार्रवाई करते हुए आरोपी ओम चौहान पुत्र वीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम निवाड़मुंडी, थाना जसपुर, जनपद ऊधम सिंह नगर को शिकायतकर्ता से 3,500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सहयोग की अपील

विजिलेंस निदेशक वी. मुरूगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत सतर्कता अधिष्ठान के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 9456592300 पर दी जा सकती है। शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामलों पर विजिलेंस लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे में यह गिरफ्तारी सरकारी कार्यालयों में रिश्वतखोरी के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

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