रुद्रप्रयाग जनपद में 10 शिक्षकों की सेवा समाप्त,उनकी जगह जनगणना ड्यूटी मे नए कार्मिकों की हुई तैनाती।
रुद्रप्रयाग-02 मई 2026
रुद्रप्रयाग जिले में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अजय कुमार चौधरी ने आदेश जारी कर जनपद के 10 शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
जारी पत्र के अनुसार, जिन अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है यदि उक्त अध्यापकों की तैनाती जनगणना कार्य में हुई हैं तो उन अध्यापकों को जनगणना कार्य से कार्य मुक्त करते जनगणना कार्य हेतु रिजर्व से नए कार्मिकों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार,इसके पीछे यह कारण बताया जा रहा है कि इन शिक्षकों ने जम्मू कश्मीर से B.Ed किया था। वहां पर स्नातक में 50% नंबर होना अनिवार्य नहीं है, लेकिन उत्तराखंड में B.Ed के लिए 50% नंबर होना अनिवार्य है।अभी माना जा रहा है कि हरिद्वार में पांच अन्य शिक्षक भी बर्खास्त हो सकते हैं।
बता दें कि,यह कार्रवाई उत्तराखंड हाइकोर्ट के अंतिम फैसले के बाद प्राथमिक शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। इस फैसले ने शिक्षा विभाग में हलचल मचा दी है। यह मामला वर्ष 2019-20 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जब कुछ ऐसे अभ्यर्थियों ने नियुक्ति के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिनके बीएड में 50 प्रतिशत से कम अंक थे। प्रारंभिक स्तर पर उन्हें न्यायालय से राहत मिल गई थी, जिसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें प्राथमिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति दे दी गई। हालांकि,मामले की अंतिम सुनवाई में हाईकोर्ट ने उनकी अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद उनकी नियुक्ति को अवैध मानते हुए विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए सभी 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
इन शिक्षकों को किया गया कार्यमुक्त:-जिन शिक्षकों की सेवा समाप्ति के निर्देश निर्देश दिए गए हैं, उनमें सरिता चमोला,अरविंद नेगी, सादेव प्रसाद, श्याम लाल, सुभाष कुमार (जखोली), खजान सिंह (अगस्त्यमुनि), अनूप पुजारी, रानी देवी, पुष्पेंद्र सिंह और चंदर सिंह (ऊखीमठ) शामिल हैं।
