गैरसैंण के देवपुरी निवासी राजेंद्र कंडारी की मौत अभी भी रहस्य,मामले में संदिग्ध चचेरे भाई देवेंद्र कंडारी की हो चुकी है गिरफ्तारी।

गैरसैंण के देवपुरी निवासी राजेंद्र कंडारी की मौत अभी भी रहस्य,मामले में संदिग्ध चचेरे भाई देवेंद्र कंडारी की हो चुकी है गिरफ्तारी।

हत्या के कारणों ओर घटना को अंजाम दिये जाने का तरीका अभी भी रहस्य,पुलिस बोली चार्जशीट में खुलेंगे सभी रहस्य।

संदिग्ध परिस्थितियों के बीच घर से बाहर गये कुछ लोगों को लेकर भी चर्चाएं।

माईथान (गैरसैंण)-03 जुलाई 2026
रिपोर्ट-प्रेम संगेला।

थाना गैरसैंण के अंतर्गत माईथान चौकी के देवपुरी गांव के चनुलीछानी तोक निवासी राजेंद्र कंडारी की हत्या के बाद एक संदिग्ध हत्यारे के गिरफ्तार होने से जहां क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है,तो वहीं मामले को लेकर भारी दबाव में रहे पुलिस विभाग को भी फिलहाल हत्या की कडियों को जोड़ने का वक्त मिल गया है। लेकिन मामले में कुछ संदिग्ध घटनाक्रमों के जांच के दायरे में शामिल न होने से भी ग्रामीणों को जांच को लेकर संदेह बरकरार है।

गौरतलब है की मामले में 42 वर्षीय ग्रामीण राजेंद्र सिंह कंडारी के 45 दिन पहले 18 मई को लापता होने की गुमशुदगी परिजनों द्वारा दर्ज करवाई गई थी ,जिसके बाद पुलिस विभाग की लगातार ढूंढखोज के बाद 23 मई को राजेंद्र सिंह का दोनों पैर ओर हाथ बंधा हुआ शव बेहद क्षतिग्रस्त हालत में घर के नजदीक ही नदी के तालाब में मिला था। इसके बाद से ही पुलिस विभाग द्वारा मौत के कारणों को लेकर डाग स्क्वाड, फारेसिंक टीम,फील्ड यूनिट को मौके पर तैनात किये जाने के साथ ही एसआईटी भी गठित कर नियमित जांच की जा रही थी। इस दौरान 6 सप्ताह का समय बीतने के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के भारी दबाव और भूख हड़ताल की घोषणा के बीच ही पुलिस ने मामले में संदिग्ध आरोपी मृतक राजेंद्र सिंह कंडारी के रिश्ते के चाचा 44 वर्षीय देवेंद्र सिंह कंडारी को गिरफ्तार कर पहली जुलाई को जेल भेज दिया है। जिससे एक तरफ भय के माहौल में जी रहे मृतक के परिवारजनों सहित ग्रामीणों को कुछ राहत मिली है,वहीं अब पुलिस विभाग मामले की अलग-अलग कडियों को जोड़ने में लगी हुई है.लेकिन अभी तक हत्या किए जाने का ठोस कारण व हत्या में शामिल लोगों की संख्या व हत्या किस प्रकार की गई इसका कोई भी खुलासा न होने से राजेंद्र कंडारी की मौत का रहस्य पूरी तरह से नहीं खुल पाया है।

सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारियों के अनुसार घटना के बाद जांच के दौरान गांव के कुछ व्यक्तियों का बिना बताए घर से जाना ओर उनके परिजनों द्वारा सही जानकारी न देना भी संदेह की स्थिति पैदा कर रहा है।वहीं मामले में चल रही चर्चाओं के अनुसार बकरियों के पैसों के लेनदेन को लेकर हत्या किए जाने की बातें भी सामने आ रही हैं,जिसको लेकर पुलिस विभाग अभी साफ तौर पर इसे स्वीकार नहीं कर रही है। वहीं हत्या में केवल एक ही व्यक्ति शामिल था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे, इसको लेकर भी तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

मामले में विवेचना अधिकारी थाना अध्यक्ष गैरसैंण मनोज सिरोला ने बताया कि हत्या के कारणों और हत्या करने के तरीके और उसमें शामिल लोगों की संख्या को लेकर कुछ कहना जल्दबाजी होगी,अभी मामले में विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच जारी है ,अभी घटना का क्राइम सीन रीक्रिएट किया जाना है,वहीं तमाम अन्य बिंदुओं पर भी बेहद गहराई से जांच चल रही है,जिसमें पैसों के लेनदेन को लेकर भी बैंक डिटेल सहित अन्य श्रोतों का भी जांच की जा रही है। मामले में सभी सबूतों ओर घटनाक्रम का डिजिटल स्तर पर मिलान के बाद चार्जशीट दाखिल करने के दौरान ही पूरे मामले के रहस्य का पता चल सकेगा।

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