पहाड़ से मैदान तक आफत की बारिश,कई सड़कें बंद,अगले तीन दिन भी राहत के आसार कम।
उत्तराखंड:-02 सितम्बर 2026
उत्तराखंड में बारिश ने एक बार फिर जिंदगी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ से लेकर मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कहीं सड़कें मलबे में दब गई हैं, कहीं बरसाती नाले उफान पर हैं तो कहीं नदी का बढ़ता पानी लोगों के लिए खतरा बन गया है। इस बीच अलग-अलग बारिश जनित हादसों में 12 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।बारिश के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन परिवारों की है, जिनके घरों तक पानी और मलबा पहुंच रहा है। किसी ने अपना घर खोया है तो किसी परिवार से मासूम बेटी हमेशा के लिए दूर हो गई। प्रशासन और राहत-बचाव टीमें लगातार मोर्चे पर हैं, लेकिन मौसम की बेरुखी ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं।प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा आने का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीण इलाकों में संपर्क मार्ग बंद होने से लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई है।
अगले तीन दिन भी राहत के आसार कम
3 सितंबर:-देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और बारिश के तेज से अति तेज दौर की संभावना है।सिटी गाइड खोजें
4 सितंबर:-नैनीताल, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट रहेगा। राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
5 सितंबर:-देहरादून, हरिद्वार और पौड़ी में कहीं-कहीं भारी बारिश का यलो अलर्ट है। प्रदेशभर में बारिश के तेज से अति तेज दौर और आकाशीय बिजली की संभावना बनी रहेगी।
लोगों से अपील,नदी और नालों से दूरी बनाए रखें:लगातार बारिश के बीच सबसे जरूरी है कि लोग सावधानी को हल्के में न लें। उफनते नाले या नदी को पार करने की कोशिश बिल्कुल न करें। नदी किनारे जाने से बचें और पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
