स्थाई राजधानी गैरसैंण,स्वास्थ्य,सड़क,महिला उत्पीड़न,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार सहित तमाम मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन।
पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक, बैरिकेडिंग लगा कर प्रदर्शनकारियों को विधानसभा जाने से रोका।
प्रदर्शन कारियों पर पुलिस ने चलाया वाटर केनन,कांग्रेस के बड़े नेताओं ने दिया एकजुटता का संदेश।
भराड़ीसैण (गैरसैंण)- 10 मार्च 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.
सूबे की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराडीसैंण में आयोजित हो रहे पांच दिवसीय बजट सत्र के दौरान जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस स्थाई राजधानी गैरसैंण, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं,प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था,महिला अपराध,बेरोजगारी सहित तामाम मुद्दों को लेकर सड़क पर जोरदार प्रदर्शन करता हुआ नजर आया तो वहीं सदन के भीतर भी कांग्रेसी विधायक विभिन्न मुदों पर सरकार को घेरते हुए नजर आई।
जहां कल बजट सत्र के पहले दिन यूकेडी ने विधानसभा के प्रवेश द्वार दिवालिखाल में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया तो वहीं आज सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कर्यकर्ताओं ने विधानसभा कूच किया। इस दौरान प्रदर्शकारियों की पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारी विधानसभा जाने की जिद पर अड़े रहे तो पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोकती रही।वहीं इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस कर्मियों से धकामुक्की भी हुई।लेकिन विधानसभा के प्रवेश द्वार में पहले से ही भारी पुलिस बल की तैनाती व चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रदर्शनकारी आगे नही बढ़ पाये। इस दौरान प्रदर्शनकारियों व पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। गुसाये प्रदर्शनकारियों ने दिवालिखाल बेरियर पर ही सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। इस दौरान भीड़ को तितर बितर करने के लिए कुछ देर तक पुलिस को वाटर केनन का उपयोग भी करना पड़ा।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल,हरक सिंह रावत,हरीश रावत व करन माहरा,ललित फर्सवाण,ज्योति रौतेला,मोहन भंडारी,हरिकृष्ण भट्ट, मुकेश नेगी सहित तमाम कांग्रेसी नेताओं ने कर्यकर्ताओं में जोश भरते हुए एकजुटता का संदेश देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस के प्रदर्शन और जनसैलाब से घबरा गई है, इसीलिए पुलिस बल का सहारा लेकर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। कहा कि लोकतंत्र में जनता और विपक्ष को अपनी बात रखने का हक है,लेकिन ये सरकार तानाशाही पर उतारू है। आज पुलिस के दम पर हमें रोका जा सकता है, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता इस दमनकारी सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेगी।
वहीं प्रदर्शन कर रहे विभिन्न गांवों से आई महिलाओं ने कहा कि आज गैरसैंण स्वास्थ्य केंद्र एक रेफेर सेंटर मात्र बन कर रह गया है कहा कि सरकार विकास के बडे बडे दावे तो कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कहा कि आज सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है गैरसैंण में स्पेशलिस्ट चिकित्सकों के न होने से कई गर्भवती महिलाये रास्ते में ही दम तोड़ दे रही हैं।उन्होंने गैरसैंण की बदहाल स्वास्थ्य सेवा को सरकार से सुधारने की मांग की है कहा कि नही तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में भ्रष्टाचार,अंकिता भंडारी हत्याकांड,मानव वन्यजीव संघर्ष जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का रवैया ढुलमुल रहा है। साथ ही,भर्ती घोटालों और बढ़ती महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा की आज इस प्रदेश की सुरक्षा के बजाय इस सरकार ने पुलिस व अधिकारियों को अपनी सुरक्षा में लगाया हुआ है. उत्तराखंड के लोगों ने कभी यह सपने में भी नहीं सोचा की इस प्रदेश की तमाम पुलिस व अधिकारी इन नेताओं के लिए काम करेगी. कहा की यह सरकार निरंकुश हो गई है जनता 2027 में इसे उखाड़ फेंकने का काम करेगी. कहा कि हम प्रदेश की जनता की हितों की बात लेकर यहां आए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि हमारा विरोध इस सरकार के लिए चेतावनी है. और राज्य के लोगों के लिए हमारा संदेश है कि अब बदलाव से कम कुछ भी नहीं… 2027 में बदलाव होना चाहिए और भाजपा धड़ाम होनी चाहिए.कहा कि यह सरकार निकम्मी सरकार है जन विरोधी सरकार है. कहा कि यह सरकार पूरे प्रदेश में युवाओं,महिलाओं,बेरोजगारों,किसानों के अरमानों को कुचलकर सिर्फ धन उगाई में लगी हुई है. कहा कि जो सरकार भ्रष्टाचार को शिष्टाचार मान चुकी है उसे अब बदलने का समय आ गया है. कहा कि यह प्रदर्शन उसी का संदेश है और आज हजारों की संख्या में कांग्रेसी विधानसभा भराड़ीसैण आए हुए हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस की आवाज को, विपक्ष की आवाज को,महिलाओं,युवाओं की आवाज को इस सरकार में दबाया जा रहा है. यह लोकतंत्र की हत्या है. यह सरकार पुलिस को आगे करके लाठी डंडों के बूते पर अपने काले कारनामों को छुपाना चाहती है. आज जिस तरह से पहाड़ में जंगली जानवरों का आतंक है, मैदान में मर्डर हो रहे हैं. लोग पानी के लिए दरदर भटक रहे हैं रोजगार खत्म हो गया है .पूरा पहाड़ पलायन से खाली हो गया है कहा की यह सरकार खनन माफियाओं,भू माफियाओं,और शराब माफियाओं की सरकार है जिसे अब बदलने का वक्त आ गया है।
कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से महिला उत्पीड़न,बेरोजगारी,भ्रष्टाचार,स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली अपने चरम पर है. कहा कि यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है. पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और यह सरकार पूरी तरीके से भ्रष्टाचार में लिप्त है.जिसका कि अब जाने का वक्त आ गया है. कहा कि 2027 में जनता ने इस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना लिया है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान जहां 12 पुलिस कर्मी चोटिल हुए, तो वहीं पुलिस भी प्रदर्शन कारियों से भिड़ती हुई नजर आई, नगर पंचायत अध्यक्ष थराली सुनीता रावत,व गैरसैंण नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी द्वारा बैरिकेडिंग पार करने के दौरान पुलिस कर्मीयों की धक्का मुक्की हुई.वहीं प्रदर्शन के दौरान चोटिल पुलिस कर्मियों को जिन्हें दिवालीखाल में ही डॉक्टरों की टीम द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया। वहीं एक महिला पुलिस कर्मी के पैर में चोट लगने के कारण उन्हें गैरसैंण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रेफर किया गया। जानकारी देते हुए चिकित्सा अधीक्षक गैरसैण अर्जुन रावत ने बताया कि सभी चोटिल पुलिस कर्मियों की स्थिति ठीक है। सभी का प्राथमिक उपचार कर दिया गया है।
