आदिबद्री के बूंगा गांव में आग की चपेट में आने से 51वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत।
आदिबद्री (गैरसैंण)- 27 मई 2026
रिपोर्ट-पुष्कर सिंह रावत.
गैरसैंण विकासखंड के आदिबद्री तहसील के बूंगा गांव निवासी 51 वर्षीय सुरेशी देवी का आग की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार देर साम लगभग 7 बजे के आसपास बूंगा गांव की सुरेशी देवी अपनी गोशाला जा रही थी इस दौरान जंगल में लगी आग उनकी गोशाला तक पहुंच गई। जिसके चपेट में आने से वो गंभीर रूप से झुलस गई व उन्होंने दम तोड़ दिया।
चौकी प्रभारी आदिबद्री अनिल आगरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कल आदिबद्री के बूंगा गांव के जंगल मैं आग लगी हुई थी व तेज आंधी तूफान के कारण आग सुरेशी देवी के गोशाला तक पहुंच गई.जिसकी चपेट में आने से 51 वर्षीय सुरेशी देवी गंभीर रूप से झुलस गई व उन्होंने दम तोड़ दिया.चौकी प्रभारी ने बताया कि पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर जानकारी जुटाई जा रही है व शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
वहीं मामले की जानकारी देते हुए रेंजर नवल किशोर नेगी धनपुर रेंज गौचर ने बताया कि,उन्हें कल देर रात ग्रामीणों द्वारा घटना की सूचना दी गई थी, सूचना पर तुरंत वनकर्मियों को रवाना किया गया.बताया कि किसी अज्ञात द्वारा बूंगा वन पंचायत में आग लगाई गई थी,तेज आंधी तूफान के कारण आग गोशाला के नजदीक तक पहुंच गई जिस कारण महिला आग की चपेट में आ गई.बताया कि ग्रामीणों द्वारा महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था इस दौरान महिला ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.कहा कि उनके द्वारा मौके पर पहुंचकर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है उसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व चमोली जिले के बिरही क्षेत्र में जंगलों में लगी भीषण आग एक परिवार के लिए काल साबित हुई थी। आग बुझाने गए एक ग्रामीण (फायर वॉचर) की आग बुझाते समय चट्टान से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई थी.जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक व आक्रोश का माहौल बना गया था,वहीं अब बूंगा गांव की इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है।
इस पूरे घटना को लेकर ग्राम प्रधान बूंगा नरेंद्र सिंह ने बताया कि, बगल के गांव ढमकर के जंगल में लगी आग तेज आंधी तूफान के चलते उनके गांव ग्राम पंचायत बूंगा तक पहुंच गई थी इस दौरान बूंगा गांव से लगभग एक किलोमीटर ऊपर आठ से दस परिवार निवास करते हैं। जो उनके घरों के नजदीक पहुंच चुकी आग को बुझाने गए थे इस दौरान महिला भी आग बुझाते वक़्त तेज आंधी तूफान के चलते फैली आग की चपेट में आ गयी व इस भयानक हादसे का शिकार हो गई। जिन्होंने अस्पताल ले जाने से पहले ही दम तोड़ दिया,बताया कि उनके पति मगनलाल बीमार हैं व घर पर ही रहते हैं व उनके दो बेटे हैं जिनमे से एक बेटा दिल्ली व एक बेटा गौचर में किसी प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने सरकार व वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
